
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बंगलुरू में आध्यात्मिक गुरु एवं आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।उन्होंने आश्रम में कार्यरत हिमाचल प्रदेश के लोगों से भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना और उन्होंने आश्रम में गौसेवा भी की।श्री श्री रविशंकर के साथ भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक खेती और बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए उठाए जा रहे कदमों पर विस्तृत चर्चा की।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है तथा प्राकृतिक खेती से पैदा की फसलों पर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है।उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को बाजार में रसायनमुक्त उत्पाद सुगमता से उपलब्ध हो रहे हैं तथा किसानों को अपने उत्पाद के अच्छे दाम भी मिल रहे हैं।श्री सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने ‘गोपाल योजना’ के तहत निजी गौ-सदनों में आश्रित गौवंश के लिए दिए जाने वाली अनुदान राशि को 700 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह से बढ़ाकर 1200 रुपये किया है।बजट 2026-27 में बेसहारा गौवंश के पुनर्वास के लिए कई नए प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने कई गौ-अभ्यारण्य और बड़े गौ-सदनों की स्थापना की है।प्रतिष्ठित स्वयंसेवी संस्थाओं,गैर-सरकारी संगठनों तथा इच्छुक उद्योग समूहों को किसी भी सरकारी गौ-सदन या गौ-अभ्यारण्य को गोद लेने की अनुमति दी जाएगी।श्री श्री रविशंकर जी ने प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेती,गौ संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
