
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि केलांग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का उच्च पर्वतीय चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद 36 करोड़ की लागत से रिकॉर्ड टाइम पर बनकर तैयार होगा।मशीनें लगने तक इस पर 50 करोड़ रुपए खर्च होंगे।इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री सोमवार को हिमाचल प्रदेश के केलांग में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)के उच्च पर्वतीय चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र का भूमि पूजन कर आधारशिला रखी।

इस अवसर पर उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह केंद्र उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान के लिए एक मजबूत संस्थागत आधार तैयार करेगा।इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और अधिक ऊंचाई पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों की विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में महत्त्वपूर्ण योगदान देगा।लाहुल वासियों के स्वास्थ्य पर माइनस 20 डिग्री तापमान पर क्या प्रभाव पड़ता है,इस पर शोध किया जाएगा।उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में छह एम्स थे।मोदी सरकार ने 12 सालों में 16 एम्स बना दिए।देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे,तो आज हमारी सरकार ने 858 मेडिकल कॉलेज बना दिए हैं।मेडिकल में यूजी की सीटें 51 हजार हुआ करती थीं,आज एक लाख 31 हजार सीटें हैं।इसी तरह पीजी की सीटें 31 हजार थीं,लेकिन 12 सालों में मोदी सरकार ने ये सीटें 86 हजार कर दी हैं। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने केलांग में उच्च पर्वतीय अनुसंधान केंद्र की स्थापना के लिए आईसीएमआर और सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं के सहयोग को महत्त्वपूर्ण बताया।संजय सेठ ने कहा कि अनुसंधान से मानव शरीर पर अत्यधिक ऊंचाई के प्रभावों की वैज्ञानिक समझ विकसित होगी।
