प्रदेश कांग्रेस चुनाव समिति द्वारा 42 से अधिक विधानसभा सीटों को लेकर तैयार किए गए पैनलों से टिकट चाहवानों की धुकधुकी बढ़ गई है। ऐेेसे में कुछ दिल्ली में डेरा डालकर अपना टिकट पक्का करवाने के लिए जुगाड़ भिड़ाने में जुटे गए हैं तो कुछ नेता वापस लौटकर आगामी रणनीति तैयार कर रहे हैं,ऐसे में टिकट दावेदारों के समीकरण बिगड़ने पर आगामी दिनों में कई विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को अपनों के ही विरोधी तेवरों का भी सामना करना पड़ सकता है। देखा जाए तो जिला कांगड़ा, मंडी, सिरमौर, कुल्लू के साथ ही शिमला के कई विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पहले से स्थानीय नेताओं में अंदरखाते गुटबाजी हावी है। इसके साथ ही अब पैनल बनने से कुछ चेहरे टिकट की दौड़ से बाहर हो गए हैं,जो अब अपने भविष्य की राजनीति को देखते हुए अपने समर्थकों के साथ आगामी रूपरेखा तैयार करने में जुट गए हैं। इसके साथ ही जिन विधानसभा सीटों से सिंगल नाम गया है,वहां पर भी विरोध के स्वर उठ सकते हैं।

सूचना के अनुसार प्रदेश प्रचार समिति की बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस टिकट की दौड़ से बाहर हुए दावेदारों की गतिविधियों पर भी नजर रखे हुए है ताकि किसी भी तरह के नुक्सान से बचा जा सके। सूत्रों के अनुसार जिन विस क्षेत्रों से पैनल गए हैं, उन विस क्षेत्रों का पूरा रिकाॅर्ड तैयार करने के निर्देश पार्टी ने जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि किस विधानसभा क्षेत्र में पार्टी पिछले कितने चुनावों से हारती आ रही है। पिछली बार चुनाव में वोट प्रतिशत कितना रहा था। कौन-कौन से ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां से पार्टी लगातार चुनाव हार रही है। यह रिकार्ड तैयार कर स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष रखा जाएगा ताकि टिकट पर मुहर लगाने से पहले हर पहलु को जांचा जा सके।
विधानसभा चुनाव के टिकटों पर अंतिम मुहर स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में लगेगी। सूत्रों के अनुसार स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक 15 सितम्बर को दिल्ली में प्रस्तावित है,जिसमें टिकट आबंटन पर मोहर लग सकती है। पार्टी से जुड़े नेता बताते हैं कि कुछ विस क्षेत्रों में टिकट आबंटन को लेकर स्क्रीनिंग कमेटी की राह भी आसान नहीं होगी,ऐसे में सर्वे को भी टिकट का आधार बनाया जा सकता है।

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