
प्रदेश सरकार अपने वायदे के अनुरूप 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित पैंशन एरियर का भुगतान 31 जुलाई से पहले करे।यदि ऐसा नहीं होता है तो आगामी 8 अगस्त को पैंशनर्ज शाहपुर में आयोजित होने वाली बैठक में अपनी आगामी रणनीति बनाने के लिए विवश होगें।हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव भूप राम वर्मा ने सोमवार को शिमला में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही।उन्होंने कहा कि बीते दिनों मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ हुई बैठक में सरकार ने 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त कर्मचारियों के संशोधित पैंशन एरियर का भुगतान 31 जुलाई तक करने का आश्वासन दिया था।ऐसे में अब पैंशनर्ज इस वायदे के पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।इस दौरान उन्होंने न्यायालय द्वारा हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज वैल्फेयर एसोसिएशन के पक्ष में आए फैसले की भी जानकारी दी।

भूप राम वर्मा ने हिमाचल प्रदेश पैंशनर्ज फ्रंट के अध्यक्ष आत्माराम शर्मा को स्वयंभू नेता करार दिया,उन्होंने आरोप लगाया कि पैंशनर्ज इकाई से उन्हें पहले ही निष्कासित किया जा चुका है और उन्होंने गलत तरीके से कमेटी का गठन किया है।वर्मा ने कहा कि फ्रंट के स्वयंभू नेता सरकार के प्रवक्ता बने हुए हैं।पैंशनर्ज के हकों के बजाए आर्थिक आपदा की बातें कहते फिरते हैं।उन्होंने पूछा कि क्या आर्थिक तंगी केवल पैंशनर्ज की देनदारियाें की अदायगी न करने के लिए ही है।जो चेयरमैन बनाए जा रहे हैं,उनके लिए आर्थिक तंगी नहीं है।उन्होंने कहा कि स्वयंभू नेता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जाएगा और ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

