
सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से एम्स बिलासपुर की गवर्निंग बॉडी एवं इंस्टीट्यूशनल बॉडी की बैठकों में भाग लिया।बैठक में हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा हिमकेयर और आयुष्मान भारत योजनाओं के तहत किए जाने वाले लंबित भुगतानों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।लगभग 65 करोड़ रुपए के बकाए के कारण एम्स बिलासपुर पर वित्तीय दबाव पड़ रहा है,जिससे संस्थान के सुचारु संचालन पर भी असर पड़ रहा है।अनुराग सिंह ठाकुर ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा पात्र राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी कर दी गई है और केंद्र की ओर से हिमाचल स्वास्थ्य विभाग को उसके पूरे फंड उपलब्ध करवाए जा चुके हैं,लेकिन प्रदेश सरकार इन निधियों को आगे वितरित नहीं कर रही है।इसके परिणामस्वरूप अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के भुगतान लंबित हैं।स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े बकायों का भुगतान न करना केवल किसी संस्थान का प्रशासनिक या वित्तीय विषय नहीं है,बल्कि इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संसाधन उपलब्ध करवाए जाने के बावजूद प्रदेश सरकार की वित्तीय अव्यवस्था मरीजों,अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।प्रदेश सरकार की लापरवाही के कारण न केवल एम्स बिलासपुर बल्कि अन्य स्वास्थ्य संस्थान भी लंबित भुगतानों से प्रभावित हो रहे हैं।सांसद ने प्रदेश सरकार से मांग की कि हिमकेयर और आयुष्मान भारत के तहत लंबित लगभग 65 करोड़ रुपए के बकाये का तत्काल भुगतान किया जाए,योजनाओं के तहत मरीजों को निर्बाध उपचार उपलब्ध करवाया जाए तथा सभी स्वास्थ्य संस्थानों के भुगतान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किए जाएं।
