
राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोकभवन में प्रो.विवेकानंद तिवारी की ‘भारतीय कला लोक परम्परा एवं संगीत में गंगा का प्रवाह’’पुस्तक का विमोचन किया।इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि ‘‘भारतीय जन मानस के लिए गंगा भारत की प्राचीन संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक है।अपने स्वरूप एवं प्रवाह में निरंतर बदलाव लाने पर भी अपने मूल रुप में तो वही गंगा ने युगों-युगों तक एक समूची सभ्यता को न केवल सिंचित किया है,बल्कि उसका भरण-पोषण भी किया है।उन्होंने कहा कि गंगा शाश्वता का प्रतीक है तथा कला, पौराणिक कथाएँ एवं साहित्य सभी उसका गुणगान करते हैं।
श्री कविंद्र गुप्ता ने कहा,‘आज भी हिंदुओं के सभी धार्मिक कार्य और संस्कारों में अनिवार्य तत्व के रूप में गंगाजल की प्रधानता है।भारतीय कला में गंगा नदी को देवी के रूप में अनेक प्रतीकों के साथ अपने संरक्षक की भूमिका में प्रेषित की गई है।
