
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने देश के युवाओं को रोजगार देने की दिशा में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कार्य किया है।उन्होंने कहा कि देशभर के 47 स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग के माध्यम से आयोजित रोजगार मेले में विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार केवल वायदे नहीं करती,बल्कि परिणाम देकर दिखाती है।उन्होंने कहा कि रोजगार मेले की शुरूआत से अब तक आयोजित 18 संस्करणों के माध्यम से लगभग 12 लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं,जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे बड़े और निरंतर चलने वाले रोजगार अभियानों में से एक है।उन्होंने कहा कि 24 जनवरी को आयोजित 18वें रोजगार मेले में भी 45 स्थानों पर 61,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए थे।वहीं प्रधानमंत्री के नेतृत्व में रोजगार सृजन सरकार की प्राथमिकता और सुशासन का केंद्र बिंदु बन चुका है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के औपचारिक रोजगार क्षेत्र में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है।मई 2025 में ईपीएफओ के तहत 20.06 लाख सदस्यों की शुद्ध वृद्धि दर्ज हुई,जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है।उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं को रोजगार के साथ-साथ आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बजट 2024-25 में प्रधानमंत्री इम्प्लॉयी लिंक्ड इन्सैंटिव योजना भी शुरू की है।इस योजना के तहत पहली बार औपचारिक नौकरी में आने वाले युवाओं को 15,000 रुपए तक की प्रत्यक्ष सहायता दी जाएगी,जिससे लगभग 2.10 करोड़ युवाओं को लाभ मिलने की संभावना है।
