
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूर्व प्रांत महामंत्री डॉ.मामराज पुंडीर ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं।उन्होंने कहा कि वर्ष 2024-25 में आयोजित बोर्ड परीक्षाओं में अधीक्षक,उप अधीक्षक,सुपरवाइजर तथा उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों और कर्मचारियों को अब तक उनका मेहनताना नहीं दिया गया है, जो अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय है।डॉ.पुंडीर ने कहा कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्य को पूरी निष्ठा से निभाने वाले शिक्षकों के साथ इस प्रकार का व्यवहार उनके सम्मान को ठेस पहुंचाता है।उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष और सचिव से जवाब मांगा कि भुगतान में देरी के पीछे क्या कारण हैं और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई है।उन्होंने कक्षा 12वीं की अंग्रेजी परीक्षा में हुई बड़ी त्रुटि का जिक्र करते हुए कहा कि 86 हज़ार से अधिक विद्यार्थियों के अंक पुरानी आंसर की के आधार पर लगा दिए गए,जो अत्यंत गंभीर लापरवाही का उदाहरण है।इसके साथ ही उन्होंने चंबा जिले में गलत प्रश्न पत्र खुलने की घटना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस गलती के कारण 29 मार्च को परीक्षा दोबारा आयोजित करनी पड़ी,जिससे विद्यार्थियों को अनावश्यक मानसिक तनाव और असुविधा झेलनी पड़ी।

इसके अतिरिक्त डॉ.पुंडीर ने कक्षा 12वीं के भौतिक विज्ञान विषय में हुई त्रुटियों को भी गंभीर बताते हुए कहा कि इन घटनाओं ने बोर्ड की कार्यप्रणाली और विश्वसनीयता दोनों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।उन्होंने पूछा कि इन सभी मामलों में जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अब तक क्या ठोस कार्रवाई की गई है।डॉ.पुंडीर ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों का लंबित मेहनताना शीघ्र जारी नहीं किया गया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई,तो महासंघ इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होगा।उन्होंने राज्य सरकार से भी हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता,जवाबदेही और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
