
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की शुरूआत भारी सियासी हंगामे के साथ हुई।सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुवाई में भाजपा विधायक हाथों में पोस्टर लेकर पहुंचे और सुक्खू सरकार पर माफिया राज को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की।मीडिया से बातचीत के दौरान जयराम ठाकुर ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के संरक्षण में हिमाचल में अलग-अलग तरह के माफिया सक्रिय हो गए हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य में ड्रग माफिया,खनन माफिया,वन माफिया,कबाड़ माफिया और शराब माफिया पूरी तरह से हावी हैं,जिसके कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है,जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सिरमौर जिले में केवल 25 पेड़ काटने की अनुमति ली गई थी,लेकिन हकीकत में वन माफिया ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए 300 से ज्यादा पेड़ काट डाले।उन्होंने इसे प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया।मंडी जिले के धर्मपुर क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया कि वहां बिना अनुमति के भारी मात्रा में अवैध लकड़ी इकट्ठा की गई थी। बाद में जब जांच का डर सताने लगा,तो माफिया ने सबूत मिटाने के लिए उस लकड़ी को ब्यास नदी में फेंक दिया।चरमराती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने ऊना और बद्दी में हुई हालिया फायरिंग की घटनाओं का जिक्र किया।जयराम ने कहा कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में पहले कभी ऐसे हालात नहीं देखे गए थे।नेता प्रतिपक्ष ने सत्ताधारी दल के व्यवस्था परिवर्तन के नारे पर तंज कसते हुए कहा कि इस तथाकथित बदलाव के बाद प्रदेश में माफिया गतिविधियां घटने के बजाय और अधिक बढ़ गई हैं।भाजपा नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे इस माफिया राज और बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दे को सिर्फ सड़कों पर ही नहीं,बल्कि विधानसभा के अंदर भी पूरी मजबूती के साथ उठाएंगे।भाजपा विधायकों का कहना है कि जब तक प्रदेश की कानून-व्यवस्था पटरी पर नहीं लौटती और इन माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई नहीं होती,तब तक विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा।
