हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर लाए गए धन्यावाद प्रस्ताव पर हो रही चर्चा के दौरान वीरवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए पूर्व भाजपा सरकार के समय राज्यपाल के विरोध पर उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर का मामला जोरशोर से उठाया।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने यह कहते हुए अग्निहोत्री का विरोध किया कि उनके खिलाफ एफआईआर इसलिए दर्ज हुई,क्योंकि उन्होंने राज्यपाल का रास्ता रोका और गाड़ी के साथ तोडफ़ोड़ करने की कोशिश की।उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार में कानून के तहत कार्रवाई की।इससे पूर्व मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार के समय जयराम ठाकुर के नेतृत्व में पहली बार विधानसभा परिसर में विधायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई,जबकि विधायकों को परिसर में इम्यूनिटी प्राप्त है।उन्होंने कहा कि विधानसभा परिसर के भीतर अथवा सदन से विधायकों को सिर्फ निलंबित किया जा सकता है,उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हो सकती।डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने पूर्व भाजपा सरकार पर गलत परंपराएं डालने का आरोप लगाया और विधानसभा अध्यक्ष से व्यवस्था देने की मांग की ताकि भविष्य में इस तरह की घटना की पूर्नावृति न हो।भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने भी अग्निहोत्री के तरकों का विरोध किया।इस पर दोनों नेताओं के बीच तीखी नोंकझोंक हुई।

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