हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव संजय गुप्ता की शिकायत पर रेरा के पूर्व चेयरमैन श्रीकांत बाल्दी और पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल एवं अधिवक्ता विनय शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।छोटा शिमला थाने में बीएनएस की धारा 248,351 और 356(2) के तहत अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।पुलिस के मुताबिक,पहली शिकायत में गुप्ता ने आरोप लगाया गया है कि श्रीकांत बाल्दी ने प्रेस बयान जारी कर उनके खिलाफ झूठे,दुर्भावनापूर्ण और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोप लगाए हैं।इससे उनकी व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।मामला चेस्टर हिल परियोजना के विवाद से जुड़ा है।इसमें उन पर मुख्य सचिव रहते हुए अवैध आदेश पारित करने,अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य करने,पद के दुरुपयोग और परियोजना के पक्ष में निर्णय लेने जैसे आरोप लगाए गए।जबकि उनके पक्ष में राज्य सरकार की ओर से विजिलेंस क्लीयरेंस और इंटीग्रिटी सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं।आरोप लगाया कि बाल्दी ने चेस्टर हिल परियोजना से जुड़े मामलों में अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों से ध्यान हटाने के लिए यह बयान जारी किया।दूसरा मामला पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल विनय शर्मा से जुड़ा है जिसमें उन्होंने संजय गुप्ता पर भूमि खरीद और कथित बेनामी संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।उन्होंने अपनी शिकायत में कहा कि यह सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।भूमि खरीद से संबंधित सभी जानकारियां अखिल भारतीय सेवा(आचरण)नियमों के तहत समयबद्ध तरीके से सरकार को उपलब्ध करवाई गई थीं।उनका आरोप है कि उनके खिलाफ दायर शिकायत का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाना था।

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