हिमाचल की आरडीजी खत्म होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भेंट की।इस दौरान उन्होंने हिमाचल प्रदेश की वर्तमान आर्थिक स्थिति पर विस्तारपूर्वक चर्चा की तथा प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न वित्तीय विषयों को उनके समक्ष रखा।जयराम ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश को निरंतर दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले हिमाचल प्रदेश के संतुलित एवं सतत् विकास के लिए केंद्र का सहयोग अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश की वित्तीय सुदृढ़ता,आधारभूत संरचना के विकास,आपदा राहत तथा विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं के लिए अधिकतम वित्तीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया।जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं(ईएपी) के जरिए केंद्र सरकार द्वारा 3000 करोड़ रुपए की मदद की गई है।इनमें जायका दो के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं की सुदृढ़ीकरण के लिए 1617 रुपए के प्रोजेक्ट की स्वीकृति दी गई है।इसमें जायका द्वारा 1294 करोड़ रुपए का ऋण दिया जाएगा।जिसमें से 1165 करोड़ केंद्र सरकार वहन करेगी।इससे हिमाचल प्रदेश के 5 मेडिकल कॉलेज और 86 स्वास्थ्य संस्थाओं में व्यवस्थाएं सुधरेगी।इसके अलावा आपदा पुनर्निर्माण हेतु विश्व बैंक द्वारा 1992 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट को स्वीकृति दी गई थी।इस प्रोजेक्ट में भी केंद्र सरकार 1792 करोड़ रुपए का भुगतान करेगी।जयराम ठाकुर ने कहा कि नरेंद्र मोदी का विरोध,भारतीय जनता पार्टी का विरोध अलग बात है और देश का विरोध अलग बात है। हिमाचल भवन और सदन हिमाचल की प्रतिष्ठा और पहचान के प्रतीक हैं।इसे षड्यंत्र का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए।जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल के आर्थिक हालात को लेकर पूरी की पूरी कैबिनेट दिल्ली पहुंची,लेकिन हैरानी की बात यह है कि न तो कोई प्रधानमंत्री से मिला और नहीं वित्त मंत्री से।

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