
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के दो प्रमुख सांख्यिकीय प्रकाशनों-हिमाचल प्रदेश सांख्यिकीय सार 2024-25ः डेटा विज़ुअलाइज़ेशन और सांख्यिकीय वर्ष पुस्तक 2024-25 का विमोचन किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में डेटा-अधारित सुशासन को मज़बूत करने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विश्वसनीय,पारदर्शी और समयबद्ध डेटा विकास योजनाओं के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।इससे प्रत्येक नागरिक,विशेषकर दुर्गम और संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों का विकास सुनिश्चित होता है।उन्होंने कहा कि 2024-25 संस्करण में नवीन डेटा विज़ुअलाइज़ेशन सुविधाएं जैसे विभिन्न रंगों के उपयोग वाले चार्ट, ग्राफ़, मानचित्र शामिल हैं।इस प्रकार की जानकारी नीति निर्माताओं,शोधकर्ताओं,अधिकारियों और आम जनता के लिए अधिक सुलभ,सहज और उपयोगकर्ता के अनुकूल होती है।श्री सुक्खू ने कहा कि आज के तेज़ी से बदलते आर्थिक परिदृश्य में,सतत और समावेशी विकास के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।इन प्रकाशनों में कृषि,शिक्षा,स्वास्थ्य,उद्योग, आधारभूत अधोसंरचना,वित्त,डिजिटल सेवाओं और जन कल्याण कार्यक्रमों सहित प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित जानकारी उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन आधुनिक,प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन के प्रति हिमाचल प्रदेश की प्रतिबद्धता में एक महत्त्वपूर्ण मील पत्थर साबित होंगे। जटिल डेटा को सरल दृश्य रूपों में परिवर्तित करने का उद्देश्य जनता की सार्वजनिक डेटा से संबंधित समझ में वृद्धि करना,शैक्षणिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी अधोसंरचना को मज़बूत करना है।सचिव(आर्थिक एवं सांख्यिकी) डॉ.अभिषेक जैन ने बताया कि डिजिटल हिमाचल पोर्टल पर भी यह डेटा ऑनलाइन उपलब्ध हैं।इससे पारदर्शी तरीके से डेटा तक जनता की पहुंच सुनिश्चित होती है।उन्होंने लोगों के लिए सेवाएं प्रदान करने और योजनाओं के निर्माण में तकनीक के उपयोग के प्रदेश सरकार के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला।उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और संस्थागत स्रोतों से डेटा को व्यवस्थित रूप से संकलित कर ग्राफिकल रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह संस्करण डेटा विश्लेषण को सुगम बनाने,साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने और ठोस नीति निर्माण में सहायक सिद्ध होगा।आर्थिक सलाहकार डॉ.विनोद राणा ने कहा कि सांख्यिकीय सारांश के उन्नत प्रारूप को प्रशासकों,योजनाकारों,शोधकर्ताओं और हितधारकों की मदद के लिए बनाया गया है ताकि कम समय में सार्थक योजनाएं तैयार किया जा सकें।उन्होंने सटीक एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध करवाने के लिए विभागों,बोर्डों,निगमों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि ये प्रकाशन अब विभागों,शैक्षणिक संस्थानों और आम जनता के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।डिजिटल पहुंच से व्यापक प्रसार संभव होगा और पूरे राज्य में आँकड़ों पर आधारित निर्णय लेने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया,मुख्य सचिव संजय गुप्ता,अतिरिक्त मुख्य सचिव,गृह के.के.पंत,प्रधान सचिव,वित्त देवेश कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
