
थुनाग (मंडी)/प्रशासन की सलाह के विपरीत,मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीती रात सिराज विधानसभा क्षेत्र के आपदा प्रभावित लोगों के साथ थुनाग विश्राम गृह में बिताई।उन्होंने पीड़ित परिवारों के दुख-दर्द को साझा करते हुए उनके बीच समय बिताया और उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।मौसम विभाग द्वारा क्षेत्र में रात दो बजे के बाद भारी बारिश की चेतावनी के तहत रेड अलर्ट जारी किया गया था,जिसे देखते हुए प्रशासन ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र में रुकने से मना किया था। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक अधिकारी उनसे बार-बार थुनाग में न रुकने का आग्रह कर रहे थे,इसके बावजूद मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावितों के बीच रहकर उनकी पीड़ा को साझा करने का निर्णय लिया।थुनाग विश्राम गृह मंडी जिला की सबसे बड़ा राहत शिविर है,जिसमें इस समय 130 आपदा प्रभावितों ने शरण ली है,जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने सबसे पहले इन प्रभावितों से बातचीत की,उनके हालचाल जाने और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का स्वयं निरीक्षण भी किया।मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों की हरसंभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को संदेश भी दिया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों में तत्परता दिखाने और सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र प्रभावितों तक पहुँचाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री की इस पहल ने न केवल प्रभावितों में भरोसा पैदा किया है,बल्कि यह भी संदेश दिया है कि राज्य सरकार हर संकट की घड़ी में अपने नागरिकों के साथ खड़ी है।

