भाजपा ने धन बल और प्रलोभन देकर प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के प्रयास किए हैं।शिमला के बालूगंज थाने में दर्ज एफआईआर की जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट हो गया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के छः और तीन निर्दलीय विधायकों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए।उन्हें हैलीकॉप्टर में लाया-ले जाया गया।एक महीने से अधिक समय तक उन्हें बंधक बनाकर रखा गया,जगत सिंह नेगी ने कहा कि पूर्व सीएम जयराम ठाकुर,भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल और अन्य भाजपा नेताओं ने बीती 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी के पोलिंग एजैंट के साथ बदसलूकी करते हुए चुनाव में व्यवधान डाला।विधानसभा परिसर के गेट को तोड़ने की कोशिश की गई।इस सबकी शिकायत कांग्रेस ने चुनाव आयोग से की है लेकिन आयोग ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है।नेगी ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों पर भाजपा का डर व भारी दबाव है तथा उन्होंने स्वेच्छा से त्याग पत्र नहीं दिया है।विधानसभा अध्यक्ष इसकी पूरी जांच कर रहे हैं।इसके बाद ही इस पर कोई निर्णय होगा जबकि भाजपा निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने पर अड़ी है।इस मामले में अब भाजपा के लोग प्रदेश के राज्यपाल को भी खींच लाए हैं।जगत सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश पर उपचुनाव थोप कर विकास की गति को प्रभावित किया है।कबायली क्षेत्रों में जहां भारी बर्फबारी की वजह से विकास कार्यों को बहुत कम समय मिलता है,वहां ये कार्य पूरी तरह रुक गए हैं।उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी से गद्दारी करने वाले किसी भी नेता को प्रदेश के लोग कभी माफ नही करेंगे।

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