Shimla निर्मात्री न्यास शिमला ने समलैंगिक विवाह के पक्ष में कानून ना लाने और ऐसे अप्राकृतिक विवाह को मान्यता न मिलने को लेकर शिमला में उपायुक्त आदित्य नेगी को ज्ञापन दिया। न्यास की अध्यक्ष मानसी हरीश ने कहा कि समलैंगिक विवाह को यदि उच्चतम न्यायालय से मान्यता मिलती है तो यह अप्राकृतिक,असामाजिक,समाज को नष्ट करने वाला,भारतीय संस्कारों के खिलाफ निर्णय सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में समलैंगिकता स्वीकार्य नहीं है और समलैंगिक विवाह का हमारी संस्कृति पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।मानसी हरीश ने कहा समलैंगिकता का वैधीकरण विवाह भारत जैसे देश में भीषण विसंगतियों का कारण बनकर भारत राष्ट्र की दिव्य वैदिक मान्यताओं,सांस्कृतिक प्रथाओं और सामाजिक विकास की विविध साधन पद्धतियों को ध्वस्त कर मानवीय अस्तित्त्व के लिए अनिष्टकारक सिद्ध होगा।इस दौरान निर्मात्री न्यास शिमला की सचिव दीक्षा शर्मा,सुरेखा शर्मा और वीणा कपिल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।

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