
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बुधवार को सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में भाग लेते हुए प्रदेश सरकार को घेरने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि चौथे वर्ष में भी सरकार के पास गिनाने के लिए अपनी चार उपलब्धियां तक नहीं हैं।यही कारण है कि राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार अपनी एक भी उपलब्धि का जिक्र नहीं कर पाई और 14 पन्ने सिर्फ केंद्र सरकार को कोसने में ही खत्म कर दिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार के पास गिनाने के लिए उपलब्धियों के नाम पर कुछ नहीं था तो उसे उन दो हजार संस्थानों का जिक्र अवश्य करना चाहिए था,जो सत्ता में आते ही बंद कर दिए थे।साथ ही इस बात का भी जिक्र करना चाहिए था कि सरकार ने प्रदेश में विकास को पूरी तरह से ठप्प कर दिया है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार के दस्तावेज में शून्यता है और यही कारण रहा कि राज्यपाल ने भी महज 2 मिनट 7 सैकेंड में ही अपना अभिभाषण खत्म कर दिया।जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आने पर काम करने में आनंद आता है,जबकि मुख्यमंत्री सुक्खू को चले हुए काम बंद करने में आनंद आता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र के पहले चरण में कहा था कि बची हुई विधायक क्षेत्र विकास निधि जल्द जारी कर दी जाएगी,लेकिन अब सरकार ने सिर्फ एक किस्त जारी की है और दूसरी किस्त जारी करने की नियत नहीं है।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब वक्त निकल गया है।एक वर्ष के बाद का दौर अलग होगा।उन्होंने कहा कि जितनी फ्लैगशिप योजना में वर्तमान सरकार ने खर्च किया है,उतना पंचायत प्रधान खर्च करता है।उन्होंने पूछा कि विजीलैंस को आरटीआई से बाहर करने के पीछे सरकार की क्या मंशा है।उन्होंने कहा कि सरकार ने 2 रोबोटिक मशीन 10 करोड़ के बजाए 28 करोड़ में खरीद ली,2 के टैंडर किए 4 खरीद लिए।इसके साथ ही उन्होंने कई अन्य मामलों पर सरकार पर निशाना साधा।जयराम ठाकुर ने सरकार से पूछा कि कैबिनेट का दर्जा वापस लेने से क्या आर्थिक संकट कम हो जाएगा।यदि पूर्ण रूप से हटा देते तो कुछ समझा जा सकता था।उन्होंने कहा कि सरकार ने सीपीएस की कुर्सी बचाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च दिए।हालांकि कुर्सी तो नहीं बच पाई लेकिन सुविधाएं अभी भी ले रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार कभी राजनीतिक डिजास्टर,कभी आपदा डिजास्टर,कभी आर्थिक डिजास्टर की ही बात करती है,ऐसे में यदि आपके टिपड़े में ये ही लिखा है तो उसमें हम क्या कर सकते हैं।
