Kangra:डाॅ.राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल टांडा में कोविड के दौरान रखी गई स्टाफ नर्सों,वार्ड ब्वाॅय व सफाई कर्मियों को निकालने के आदेश जारी कर दिए हैं।इससे निराश होकर इन लोगों ने टांडा मेडिकल काॅलेज के प्रांगण में एकत्रित होकर अपना रोष प्रकट किया।इसके बाद वे प्रधानाचार्य से भी मिले,उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें 31 मार्च,2023 तक ही नियुक्तियां दी गई थीं,जिसका टैंडर गत दिन समाप्त हो गया,जिसके कारण उन्हें निकाला जा रहा है।अब आगे अगर सरकार इन्हें नियुक्त करने के आदेश जारी करती है तो इन्हें फिर से नियुक्त किया जाएगा।वर्कर यूनियन के प्रधान संजय कुमार ने बताया कि कोविड के दौरान रखे 133 स्टाफ नर्सों,95 वार्ड ब्वाॅय तथा 20 से 25 सफाई कर्मचारियों को निकाल दिया गया है।
उधर श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नेरचौक में 350 से अधिक कर्मचारियों को ड्यूटी पर नहीं जाने दिया गया,जिनमें 107 स्टाफ नर्स,100 सफाई कर्मचारी,100 से अधिक वार्ड ब्वॉय,लैब टैक्नीशियन व सिक्योरिटी गार्ड शामिल हैं। ये कर्मचारी शनिवार सुबह जब लाल बहादुर शास्त्री मैडीकल कालेज पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से मना कर दिया गया।उन्हें कहा गया कि उनका कांटैक्ट सरकार से खत्म हो गया है जिसके चलते इन लोगों में भारी रोष है।उधर,350 से अधिक कर्मचारियों के एकाएक न आने के चलते लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल काॅलेज नेरचौक में सारी सेवाएं अस्त-व्यस्त हो गईं।
मेडिकल काॅलेज एवं अस्पताल नेरचौक के प्रधानाचार्य डाॅ.राजेश भवानी ने कहा कि कोरोना काल में आऊटसोर्स पर नियुक्त कुछ स्वास्थ्य कर्मचारियों का कार्यकाल समाप्त हो गया है। सरकार द्वारा यूज एक्सटैंशन देने की बात की थी लेकिन अभी तक नोटिफिकेशन नहीं हुई है।इसके चलते 1 अप्रैल को उन्हें कार्य पर नहीं आने दिया गया।
