
रामपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत डंसा के राया में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक बस हादसे ने कराली गांव के 20 वर्षीय वंश की जिंदगी छीन ली।घर से कुछ ही दूरी पर हुए इस हादसे में परिवार ने अपना लाडला खो दिया,जिस बेटे को माता-पिता ने बड़े अरमानों से पाल-पोसकर बड़ा किया था,उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।वंश की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।वंश को क्या मालूम था कि शुक्रवार की सुबह उसके जीवन की आखिरी सुबह साबित होगी।हादसे के बाद जैसे ही उसकी मौत की खबर घर पहुंची,परिवार में चीख-पुकार मच गई।माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।वंश की मौत ने परिवार की खुशियां छीन ली हैं।तीन बेटियों के बीच घर के इकलौते बेटे की असमय विदाई से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।जिस घर में बेटे के भविष्य को लेकर उम्मीदें संजोई गई थीं,वहां अब मातम पसरा है।वंश के निधन से न केवल कराली गांव,बल्कि पूरी ग्राम पंचायत में शोक का माहौल है।रामपुर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद वंश का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा,जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।शुक्रवार सुबह करीब पौने आठ बजे सनेई से रामपुर आ रही हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस डंसा पंचायत के राया के पास सडक़ से करीब 50 मीटर नीचे पलट गई थी।हादसे के समय बस में चालक-परिचालक सहित 23 लोग सवार थे।
