पंचायत और निकाय चुनाव कांग्रेस के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनमत-संग्रह।

केंद्रीय स्वास्थ्य और रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस को लेकर बड़ा बयान दिया।ओल्ड पेंशन से संबंधित सवाल पर श्री नड्डा ने कहा कि इस मसले पर हमारी नीति स्पष्ट है।शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम यानी यूपीएस लागू की है और पिछले विधानसभा चुनाव में भी यही स्टैंड भाजपा का था।जहां तक हिमाचल से संबंधित विषय की बात है,तो इस बारे में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा अध्यक्ष डा.बिंदल बात रखेंगे।अमरीका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के कारण दवा उत्पादन और अन्य क्षेत्रों पर पडऩे वाले प्रभाव से संबंधित सवाल पर जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस पर रणनीति बना रखी है।कोशिश यह है कि आम जनता पर प्रभाव न पड़े।

वहीं श्री नड्डा ने हिमाचल सरकार पर बड़ा आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा राहत में 1500 करोड रुपए देने की घोषणा की थी,लेकिन इससे संबंधित सवालों का जवाब नहीं दिया जा रहा है।आपदा से हुए नुकसान से संबंधित क्वेरी केंद्र से आई थी,जिसे एड्रेस नहीं किया गया।राज्य सरकार चाहती है कि पैसा देकर भूल जाओ कि कहां खर्च किया?आपदा राहत में केंद्र से मिले धन के यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट भी अभी तक नहीं दिए गए।श्री नड्डा नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर दो दिन के शिमला प्रवास पर थे।बल्क ड्रग पार्क ऊना को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में जेपी नड्डा ने कहा कि यह पार्क हिमाचल से कहीं नहीं जा रहा,लेकिन राज्य सरकार समय पर काम तो करे।इस स्कीम को एक साल के लिए एक्सटेंड किया है,1000 करोड़ की केंद्रीय हिस्सेदारी में से 225 करोड़ हम दे चुके हैं।इसमें से भी सिर्फ 102 करोड़ ही खर्च हुए हैं।कोरोना काल में बिलासपुर में जब वह एम्स बनवा सकते हैं,तो बल्क ड्रग पार्क बनाने में क्या दिक्कत है?हिमाचल सरकार ने केंद्र से दिए गए मेडिकल डिवाइस पार्क को वापस लौटा दिया,जबकि हिमाचल के साथ गुजरात को मिले इसी तरह के पार्क में जाकर काम देखिए।जेपी नड्डा ने कहा कि एक नेरेटिव गढ़ा जा रहा है कि केंद्र सरकार हिमाचल की मदद नहीं कर रही। हर बार विशेष आर्थिक पैकेज की बात होती है।आर्थिक पैकेज जैसा अब कुछ नहीं है।केंद्र सरकार मुश्किल वित्तीय स्थिति में पड़े राज्यों की सिर्फ हैंड होल्डिंग कर सकती है।केंद्र पर दोषारोपण की कोशिश को श्री नड्डा ने इस तर्क के साथ खारिज कर दिया कि जो अच्छा बढ़ई नहीं होता वह औजारों को दोष देता है।

श्री नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार बाहया वित्त पोषित परियोजनाओं,स्पेशल सेंट्रल अस्सिटेंस इत्यादि के जरिए राज्य की मदद कर रही है।दूसरी तरफ हिमाचल सरकार केंद्र से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पा रही।आरडीजी बंद होने पर पूछे गये सवाल पर नड्डा ने कहा कि क्या इस सरकार को पता नहीं था कि ऐसा होने वाला है?17 राज्यों की बंद हुई हैं,मैजोरिटी राज्य भाजपा शासित थे।श्री नड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले ‘व्यवस्था परिवर्तन’ का नारा दिया था,लेकिन आज प्रदेश में प्रशासनिक अव्यवस्था,निर्णयहीनता और नीतिगत अराजकता का माहौल है।

उन्होंने कहा कि देश में शायद ही कोई ऐसा उदाहरण होगा जहां मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक जैसे महत्त्वपूर्ण पद अतिरिक्त प्रभार के भरोसे चल रहे हों।यह स्थिति स्वयं बताती है कि कांग्रेस सरकार हिमाचल के प्रशासन को कितनी गंभीरता से ले रही है।उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नौकरशाहों पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।अधिकारी सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं,लेकिन जवाबदेही कहीं दिखाई नहीं देती।
