राज्य चुनाव आयोग की तरफ से पंचायती राज संस्थाओं व नगर निकाय चुनाव की घोषणा 20 अप्रैल के बाद होने की संभावना है।राज्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने इस संदर्भ में सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीसी) व पुलिस अधीक्षकों (एसपी) से वीडियो कॉन्फ्रैंस के माध्यम से चुनावी तैयारियों को लेकर मंत्रणा की।जानकारी के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव तीन चरणों व नगर निकाय चुनाव एक ही चरण में करवाए जाने की संभावना है,जिसके लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।चुनाव आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।चुनाव को निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से करवाने के लिए करीब 50 हजार कर्मचारियों की सेवाएं ली जा सकती हैं।बैठक के दौरान मुख्य रूप से 20 बिंदुओं पर चर्चा की गई।इसमें मतदान केंद्र पर व्यवस्था को दुरुस्त करने,संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान करने,मतदाता सूची के प्रारूप को तय समय के अनुसार अंतिम रूप देने,किसी भी तरह के प्रतिकूल हालात से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करने,चुनाव में प्रयोग में लाई जाने वाली सामग्री को तैयार रखने,चुनाव के लिए आबंटित किए जाने वाले चुनाव चिह्न,आदर्श चुनाव आचार संहिता का पालन करने एवं चुनाव खर्च सहित अन्य सभी जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार राज्य में 31 मई से पहले चुनाव प्रक्रिया को पूरा किया जाना है।इसके चलते पूरी चुनावी प्रक्रिया को इसी के अनुरूप चुनाव आयोग की तरफ से शीघ्र घोषित किए जाने की संभावना है।

चुनाव की घोषणा के बाद लागू होगी आदर्श चुनाव आचार संहिता:चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी।इस स्थिति में सरकार की तरफ से कोई भी ऐसी घोषणा करने की अनुमति नहीं होगी,जिससे चुनाव प्रक्रिया बाधित हो।राज्य सरकार विशेष परिस्थिति और प्रशासनिक कारणों को ध्यान में रखकर चुनाव आयोग की स्वीकृति से निर्णय लेने को बाध्य होगी। इस दौरान सरकारी स्तर पर तबादलों पर भी प्रतिबंध रहेगा। यानी चुनाव आयोग के निर्देशानुसार ही तबादले किए जा सकेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *