राज्य में पहली बार सरकारी पैट स्कैन की सुविधा आरम्भ,सपैक्ट-सीटी स्कैन मशीन के लिए 8 करोड़ रुपये की घोषणा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज,शिमला में न्यूक्लियर मेडिसिन ब्लॉक का उद्घाटन किया।इसी के साथ अब राज्य में सरकारी क्षेत्र में पहली बार पॉजिट्रॉन एमिशन टोमोग्राफी (पैट) स्कैन की सुविधा उपलब्ध हो गई है।पैट स्कैन सुविधा रोगों का प्रारंभिक स्तर पर,मेटाबॉलिक और मॉलिक्यूलर स्तर पर पता लगाने में सक्षम है।पारंपरिक इमेजिंग तकनीकों जैसे सीटी और एमआरआई की तुलना में,जो बाद के चरणों में संरचनात्मक बदलाव दिखाती हैं,पैट तकनीक बहुत पहले ही शारीरिक परिवर्तनों का पता लगा लेती है।यह सुविधा कैंसर के स्टेज निर्धारण और पुनः मूल्यांकन,उपचार के प्रभाव का आकलन,बीमारी की पुनरावृत्ति का पता लगाने और रोग के पूर्वानुमान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।यह तकनीक मस्तिष्क ट्यूमर,सिर और गर्दन के कैंसर,थायरॉयड कारसिनोमा,लंग्स कारसिनोमा,प्लूरल मैलिगनेंसिज़, थाइमिक ट्यूमर,इसोफेगोगेसट्रिक कारसिनोमा, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल स्ट्रोमल ट्यूमर,ब्रेस्ट कारसिनोमा, कोलोरेक्टल कारसिनोमा तथा यूरोलॉजिकल एवं टेस्टिकूलर मैलिगनेंसिज़ के निदान और प्रबंधन में व्यापक रूप से उपयोग की जाती है।

नई तकनीकों और ट्रेसर के विकास के साथ,ऑन्कोलॉजी में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।ऑन्कोलॉजी के अलावा,पैट स्कैन का उपयोग अब हृदय रोग,न्यूरोलॉजी,संक्रमण और सूजन संबंधी रोगों के आकलन में भी किया जा रहा है,विशेषकर उन मामलों में जहां पारंपरिक इमेजिंग से स्पष्ट निष्कर्ष नहीं मिल पाता।मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हाल ही में इस प्रमुख संस्थान में 3 टेस्ला एमआरआई मशीन का भी शुभारम्भ किया गया है।आने वाले समय में प्रदेश सरकार राज्य के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में तकनीकी उन्नयन के लिए 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेगी ताकि लोगों को उनके घर के पास ही सुलभ और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जा सकें।

उन्होंने आईजीएमसी शिमला में स्पैक्ट-सीटी स्कैन मशीन स्थापित करने के लिए 8 करोड़ रुपये की भी घोषणा की।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल) धनी राम शांडिल,विधायक हरीश जनारथा और संजय अवस्थी,स्वास्थ्य सचिव एम.सुधा देवी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

