
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के लिए इस वर्ष की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं,बल्कि उनके राजनीतिक जीवन के एक स्वर्णिम अध्याय की साक्षी बनी।छोटी काशी के नाम से विख्यात मंडी के ऐतिहासिक सेरी मंच पर जब जयराम ठाकुर ने जनता के बीच गुलाल उड़ाया,तो नजारा सिर्फ त्यौहार का नहीं बल्कि एक जननेता और उसकी माटी के बीच अटूट प्रेम का था।इस वर्ष की होली जयराम ठाकुर के लिए इसलिए खास रही क्योंकि आज ही के दिन उन्होंने हिमाचल प्रदेश विधानसभा में अपने प्रवेश के 28 सफल वर्ष पूरे किए हैं।सोमवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आज से ठीक 28 वर्ष पहले इसी तिथि को मैंने पहली बार सदन की दहलीज पर कदम रखा था।संघर्ष और सेवा का यह लंबा सफर प्रदेश की जनता,विशेषकर सराज और पूर्ववर्ती चच्योट क्षेत्र के मतदाताओं के असीम स्नेह के बिना मुमकिन नहीं था।उन्होंने बताया कि कालेज के दिनों में मंडी की तंग गलियों में घूम-घूम कर होली खेलना एक अलग ही आनंद देता था।उन्होंने कहा कि उस दौर में सेरी मंच पर आज जैसा सामूहिक आयोजन नहीं होता था,लेकिन समय के साथ आए इस सकारात्मक बदलाव और उत्सव की भव्यता को देखकर वह अत्यंत अभिभूत हैं।इस अवसर पर डा.साधना,विधायक इंद्र सिंह गांधी,भाजपा जिलाध्यक्ष निहाल चंद शर्मा और अन्य उपस्थित रहे।
