
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नई आवश्यक औषधि सूची (एसंेशियल ड्रग्स लिस्ट) तैयार करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि इस नई सूची की समीक्षा एक उच्च स्तरीय समिति द्वारा की जाएगी और दवाओं की खरीद सीधे निर्माता कंपनियों से की जाएगी,जिसके लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएंगे।निर्माताओं से दवाओं की सीधी खरीद से बिचौलियों के कारण होने वाली देरी को समाप्त करने और अधिक पारदर्शी आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करने में बल मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों को उपलब्ध की जाने वाली दवाओं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।इसके लिए राज्य के प्रत्येक चिकित्सा महाविद्यालय में एक समर्पित सेल स्थापित किया जाएगा तथा राज्य सरकार पर्याप्त स्टाफ,प्रशिक्षण और आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवाएगी।प्रथम चरण में आईजीएमसी शिमला और डॉ.राजेन्द्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में यह सेल स्थापित किए जाएंगे।उन्होंने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।श्री सुक्खू ने यह भी निर्देश दिए कि हिमाचल प्रदेश में दवा निर्माता कंपनियों द्वारा निर्मित दवाओं की गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए।उन्होंने अधिकारियों को राज्य में भारत के औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियम,1945 की अनुसूची-एम के प्रावधानों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए।बैठक में सचिव स्वास्थ्य एम.सुधा देवी,विशेष सचिव अश्विनी कुमार,निदेशक आयुष निपुण जिंदल,निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ.राकेश शर्मा,निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ.गोपाल बेरी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
