दुग्ध संयंत्रों में दूध प्रापण और अन्य डेटा ऑनलाइन रिकार्ड बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश सहकारी दुग्ध उत्पादक प्रसंघ सीमित (मिल्कफेड) की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संयंत्रों में दूध प्रापण और अन्य डेटा का ऑनलाइन रिकार्ड बनाया जाएगा।उन्होंने प्रसंघ की गतिविधियों को सशक्त करने के भी निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रसंघ के सभी उत्पादों में गुणात्मक मानक सुनिश्चित करने के समुचित उपायों का पालन किया जाए।उन्होंने ढगवार दुग्ध संयंत्र के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे कांगड़ा,हमीरपुर,चम्बा और ऊना जिले के किसानों की आर्थिकी को संबल मिलेगा।ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने मिल्कफेड को बाजार में प्रतिस्पर्धा दृष्टिकोण के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि हिमाचल के उत्पादों की देशभर में विशिष्ट पहचान है।उन्होंने कहा कि सभी दुग्ध संयंत्रों व प्रसंघ से कामकाज के व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा।उन्होंने मिल्कफैड के सभी मिल्कबार की समीक्षा तथा प्रसंघ के विपणन से संबंधित सभी कार्यों में और दक्षता लाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मिल्कफेड द्वारा निर्मित देसी घी का विपणन हिमईरा के माध्यम से भी किया जा सकता है।

ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गाय के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 32 रुपये से बढ़ाकर 51 रुपये तथा भैंस के दूध पर न्यूनतम समर्थन मूल्य को 47 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर किया है।इसके अलावा सरकार ने दूध पर परिवहन सब्सिडी को 1.50 रुपये से बढ़ाकर 3 रुपये प्रति लीटर किया है तथा दो किलोमीटर से अधिक दूर स्थित दूध खरीद केन्द्र तक स्वयं दूध ले जाने पर 3 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी दी जा रही है।प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा ने प्रसंघ की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकर (नवीनीकरण,डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं गवर्नेंस)गोकुल बुटेल,मिल्कफेड के अध्यक्ष बुद्धि सिंह ठाकुर,प्रधान सचिव, वित्त देवेश कुमार,गैर सरकारी सदस्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
