
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस और राज्य सरकार मनरेगा के नाम पर सिर्फ राजनीति कर रही है,जबकि केंद्र सरकार ने गरीब,ग्रामीण और श्रमिक वर्ग के हित में ‘विकसित भारत जी-राम जी योजना’जैसी प्रभावी, पारदर्शी और भविष्य उन्मुख योजना दी है।जयराम ठाकुर ने कहा कि मनरेगा को लेकर प्रदेश सरकार कितनी गंभीर है,इसका पता इसी बात से चलता है कि अगस्त के बाद से राज्य सरकार ने मनरेगा में काम कर चुके लोगों को राज्य के हिस्से का दिहाड़ी भुगतान नहीं किया है।लोगों को मजदूरी में सिर्फ केंद्र द्वारा दी गई धनराशि ही पहुंची है।यह योजना केवल मजदूरी तक सीमित नहीं,बल्कि स्थायी आजीविका, कौशल विकास और आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में ठोस कदम है।इसमें समयबद्ध भुगतान,तकनीक आधारित निगरानी और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण सुनिश्चित किया गया है,जो कांग्रेस शासन में कभी संभव नहीं हुआ।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री पर मनरेगा को लेकर आरोप लगाने वाले हिमाचल के मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सभी नेता अगर एक बार आंकड़ों पर नजर डालते,तो उन्हें मोदी सरकार में मनरेगा को मिल रही प्राथमिकता का पता चलता।जब 2006 में योजना शुरू हुई थी,तो इसका कुल बजट मात्र 11,300 करोड़ था,जिसे 10 साल में कांग्रेस ने 33000 करोड़ तक पहुंचा पाई।मोदी सरकार ने अपने पहले बजट 2015-16 में ही मनरेगा का बजट 41000 करोड़ किया।कोविड महामारी के समय वर्ष 2020- 21 में मनरेगा का बजट बढ़ाकर एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए किया।
