
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने स्पष्ट कहा है कि कांग्रेस न तो महात्मा गांधी का नाम कुचलने देगी और न ही मिटने देगी।उन्होंने कहा है कि भाजपा के षड्यंत्र को किसी भी स्तर पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।इसके लिए कांग्रेस देश व प्रदेश भर में जनजागरण अभियान छेड़ेगी।मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने और इसके मूल उद्देश्य को कमजोर करने के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि जिस मनरेगा को पूर्व केंद्र की कांग्रेस सरकार ने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी नेता राहुल गांधी की गांव के गरीब और असहाय लोगों को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार कानून की महत्त्वपूर्ण गारंटी दी थी।आज केंद्र की मोदी सरकार ने इस पर कैंची चलाते हुए इसे कमजोर कर दिया है।इस कानून का नाम बदल कर भाजपा ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान तो किया ही है,साथ ही गरीबों के अधिकार को भी कुचल दिया है।

उन्होंने कहा कि डा.मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जब यूपीए सरकार ने इसे संसद में रखा था,तो उस समय इस पर 100 घंटे से अधिक चर्चा के बाद सभी की सहमति से पारित करवाया गया था। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार ने इसे जल्दबाजी में रातोंरात पास भी करवा दिया,जबकि किसानों और गरीबों संबंधित कानून अभी भी लंबित पड़े हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश के गरीबों के अधिकार की लड़ाई लड़ती रहेगी और इतिहास से राष्ट्रभक्तों के नाम मिटाने का हमेशा विरोध करेगी।

इससे पूर्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव प्रदेश मामलों के सह प्रभारी विदित चौधरी ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में भारी अंतर है।उसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान के साथ साथ मनरेगा से जुड़े कामगारों के मुंह का निवाला तक छीन लिया है।विदित चौधरी ने कहा कि अब समय आ गया है कि भाजपा को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए।इसके लिए पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करते हुए मनरेगा और वर्तमान में वीबी जी राम जी कानून का पुरजोर विरोध करते हुए इसके अंतर की पूरी जानकारी देनी होगी।शिमला शहर के विधायक हरीश जनारथा और शिमला नगर निगम के महापौर सुरेंद्र चौहान ने भी धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए इस नए कानून के लिए केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार इस नए कानून का विरोध करती है।ग्रामीण विकास मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि यह नया कानून हमारी पंचायतों के अधिकार क्षेत्र का हनन है।नए कानून के तहत अब किस कार्य को करना है,कहां करना है,यह सब अधिकार केंद्र का होगा।प्रदेश सरकार इसका विरोध करती है।

