निर्वासित तिब्बती प्रधानमंत्री (सिक्योंग) पेम्पा सेरिंग ने बुधवार को मैक्लोडगंज में तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा से विशेष मुलाकात की।इस दौरान सिक्योंग ने दलाईलामा को 16वें काशाग (मंत्रिमंडल) की प्रमुख उपलब्धियों और हालिया पहलों की जानकारी दी।सिक्योंग पेम्पा सेरिंग ने बताया कि तिब्बती प्रशासन लगातार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार,सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तिब्बती समुदाय की आवाज को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि इन पहलों का मुख्य उद्देश्य तिब्बती समाज की पहचान और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए उन्हें भविष्य की पीढ़ियों तक पहुंचाना है।दलाईलामा ने सिक्योंग और उनकी टीम के इन प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केवल तिब्बती समुदाय को ही नहीं बल्कि व्यापक वैश्विक समाज को भी प्रेरित करेगा।मुलाकात के दौरान दलाईलामा श्रद्धालुओं से भी मिले।इस दौरान उन्होंने कहा कि बदलते समय में बौद्ध विचारधारा को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप ढालना बेहद जरूरी है।धर्म केवल पुस्तकों और सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं होना चाहिए।

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