
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में यहां जिला स्तरीय सतर्कता समिति एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली की बैठक का आयोजन किया गया।बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अधिकारियों सहित समिति के नामित सदस्यों ने भाग लिया।बैठक में उपायुक्त ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उपभोक्ताओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण राशन उपलब्ध करवाने पर बल दिया।उन्होंने निर्देश दिए कि उचित मूल्य दुकानों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए जन शिकायत निवारण प्रणाली को और प्रभावी बनाया जाए।बैठक के दौरान समिति के सदस्यों ने विभिन्न मुद्दों जैसे स्टॉक की उपलब्धता,कार्डधारकों की समस्याएं तथा गुणवत्ता जांच आदि विषयों पर सुझाव दिए।उपायुक्त ने सदस्यों के सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।उपायुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम,2013 के अंतर्गत जिला शिमला के ग्रामीण क्षेत्र में वर्तमान में 261336 की जनसंख्या का चयन किया जा चुका है व शहरी क्षेत्र में 8089 जनसंख्या चयनित की जा चुकी है।इस प्रकार जिला शिमला में कुल 66230 परिवार व 269425 जनसंख्या का चयन किया जा चुका है तथा 18406 परिवार की 167365 जनसंख्या का चयन किया जाना शेष है।जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 113009 की जनसंख्या व शहरी क्षेत्र में 54356 की जनसंख्या का चयन किया जाना शेष है।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इस दिशा में उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ ले सके।इस दौरान अधिनियम के तहत अन्य विभागों के माध्यम लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे खाद्यानों की जानकारी भी दी गयी।उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी,कानून एवं व्यवस्था शिमला को जिला शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त किया गया है।राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत वितरित किए जा रहे खाद्यान्नों के निर्धारित मात्रा में मिलने या निम्न गुणवत्ता के खाद्यान्न मिलने से सम्बन्धित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।बैठक में 22 उचित मूल्य की दुकानों के आवंटन संबंधी प्राप्त मामलों पर विस्तार से चर्चा की गयी।उपायुक्त ने कहा कि प्राप्त आवेदन में जो व्यक्ति पात्र है और सारी औपचारिकताएं पूर्ण है तो उन्हें उचित मूल्य की दुकानों का आवंटन किया जाए अन्यथा उसे पुनः विज्ञापित किया जाए। इस दौरान विकासखंड बार नई उचित मूल्य की दुकानों को खोलने बारे 08 मामलों पर विस्तृत चर्चा की गयी।बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा,जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
