
प्रदेश में नशे की बढ़ती समस्या से मुकाबला करने के लिए प्रदेश भर की 31 सामाजिक,नागरिक संस्थाएं एक मंच पर इकट्ठी हुई और ‘हिमाचल फोरम अगेंस्ट ड्रग एब्यूज़’ का गठन किया।अधिवेशन में पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे दीपक सानन,हँस राज चौहान,डॉ कुलदीप तंवर,ई.मनमोहन वर्मा,सतीश अंजुम,प्रो.विजय वीर सिंह डोगरा सहित विभिन्न विभागों से सेवानिवृत अधिकारियों ने भाग लिया।पूर्व प्रशासनिक अधिकारी एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे दीपक सानन को फोरम का चेयरपर्सन बनाया गया।विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर वाईडब्ल्यूसीए,शिमला के सभागार में आयोजित एक अधिवेशन में संस्थाओं ने एकजुट हो कर नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने की शपथ ली।संस्थाओं में प्रमुख रूप से हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति,गुंजन,वाईडब्ल्यूसीए, हेल्प एज इंडिया,आर्ट ऑफ़ लिविंग फाउंडेशन,पहचान’ महिला कल्याण एसोसिएशन,जियो जिंदगी,लॉयन्स क्लब, मंडी साक्षरता एवं जन विकास समिति,आरटीडीसी पालमपुर,पर्वतीय महिला अधिकार मंच,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति,राज्य संसाधन केंद्र,हिमाचल किसान सभा,ह्युमन डेवलपमेंट आर्गेनाईजेशन,एसएफआई, सिटीजन फोरम संजौली,पेंशनर्ज एसोसिएशन,लोक संस्कृति मंच,नीति अभियान,शहीद भगत सिंह मेमोरियल घणाहटी,द सुर केपिटल,बाल मंच शिमला,जॉर्ज इन्तिट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ,एचपीएमआरए आदि शामिल रहीं।अधिवेशन में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि फोरम किसी भी ऐसे फैसले का समर्थन नहीं करेगा जिसमें किसी भी नशा करने वाले या उसके परिवार के:

सामाजिक बहिष्कार करने
उसकी सरकारी सुविधाएं समाप्त करने
उसे मृत्युदंड की सज़ा देने
उसका एनकाउंटर करने व बुलडोजर चलाने
घर को तोड़ने जैसा कोई फरमान जारी किया गया हो।
फोरम का मानना है कि नशा एक बीमारी है जिसका इलाज होना चाहिए और नशा करने वाले को नशामुक्त करने,उसके पुनर्वास के लिए प्रयास किए जाने चाहिए न कि उसे और उसके परिवार को अपराधी बनाकर कटघरे में खड़ा किया जाए।समाज का मकसद ऐसे परिवारों और लोगों कलंक और इनकार जैसी परिस्थितियों से बाहर निकलना है ताकि वे नशे में फंसे उसके परिवार के सदस्य का इलाज करने के लिए बेझिझक आगे आने का साहस कर सके।अधिवेशन में समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए अधिवेशन को आयोजित करने के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि आज युवाओं में नशे की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है जो परिजनों के साथ साथ पूरे समाज के लिए चिंता का कारण बन गया है। इसलिए सरकारी,प्रशासनिक,न्यायिक तथा सामाजिक-राजनीतिक प्रयासों में कहाँ पर सामंजस्य नहीं बैठ रहा है उन बिंदुओं को रेखांकित करने तथा सही हस्तक्षेप की रणनीति बनाने की जरूरत है।पुंडीर ने कहा कि ज्ञान विज्ञान समिति ने पिछले एक वर्ष में नशे के व्यापक स्वरूप पर समाज में संवाद क़ायम करते हुए नशे से जुड़े कलंक को कम करने में पहल की है।गुंजन संस्था के निदेशक विजय कुमार ने नशे से जुड़े तमाम पहलुओं पर प्रस्तुति देते हुए वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला तथा नशे के कारणों को समझने व उसके अनुरूप इसे दूर करने पर चर्चा की।सभी प्रतिभागी संस्थाओं ने नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती से आगे बढ़ाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे।इस अधिवेशन के मौके पर संगीत एवं सोशल मिडिया के क्षेत्र में काम कर रही पर द सुर केपिटल तथा सोलन से पंवर इंस्टिट्यूट ऑफ़ मास कम्युनिकेशन के छात्रों द्वारा वेब सीरीज के लिए तैयार की जा रही लघु फ़िल्म के गीत को भी प्रदर्शित किया गया जिसे प्रतिभागियों ने खूब सराहा।

