शीतकालीन सत्र में प्रदेश के व्यापक मुद्दों को लेकर कहने और करने को बहुत कुछ है।इसके बावजूद शीतकालीन सत्र को महज चार दिन का कर दिया गया है।इसमें शनिवार को भी वर्किंग-डे के तौर पर रखा गया है।ऊपर से हैरत यह है कि इस सत्र में दो दिन मुख्यमंत्री शामिल रहेंगे और दो दिन नही,जिससे साफ जाहिर होता है कि सरकार ने पिछले दो सालों में जो किया है,उसकी जवाबदेही से सरकार घबराकर भाग रही है।यह कहना है पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार को हाल ही में बिलासपुर में आयोजित किए गए जश्न समारोह को लेकर घेरा जाएगा,क्योंकि जिस प्रदेश में प्राकृतिक त्रासदी में हजारों घर बह गए हों,करोड़ों का नुकसान हो गया हो और सरकार ने आपदा प्रभावितों को 7-7 लाख रुपए देने का वादा किया हो और बावजूद इसके कई घरों में अब तक पटवारी भी न पहुंचे हों,तो ऐसी स्थिति में कोई जश्न कैसे मना सकता है?जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार ने दो सालों में डेढ़ हजार संस्थान बंद कर दिए हैं,10 हजार से ज्यादा आउटसोर्स कर्मचारी घर बैठा दिए गए और जो काम कर रहे हैं,उन्हें चार से पांच महीने से सैलरी नहीं मिली है,25 करोड़ रुपए जश्न के नाम पर फूंक दिए गए और लोगों के बीच अपनी सभी गारंटियों को पूरा करने की बात कह कर उन्हें गुमराह किया जा रहा है।जयराम ठाकुर ने कहा कि बिलासपुर में कांग्रेस के जश्न में उन्हीं के द्वारा लाई गई महिलाओं ने उनकी पोल खोल कर रख दी।वायरल वीडियो में महिलाएं पूछ रही हैं कि 1500 रुपए का क्या हुआ?अब तो सरकार को समझ जाना चाहिए कि उनकी झूठी गारंटियों को लेकर जनता में आक्रोश है।

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