नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि सरकार ने बिलासपुर में दो साल के जश्न पर 25 करोड़ रुपए और मुख्य संसदीय सचिवों (सीपीएस) को बचाने के लिए 10 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।उन्होंने कहा कि यदि सरकार प्रदेश हितों के प्रति समर्पित होती तो इस राशि को कर्मचारियों व पैंशनरों की वित्तीय अदायगियों एवं जनहित के कार्यों पर खर्च कर सकती थी।जयराम ठाकुर शिमला में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दो साल के जश्न के लिए सजे मंच से हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह का अपमान किया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है।जयराम ने सरकार के समारोह में वरिष्ठ कांग्रेस नेता की तरफ से भाजपा के लिए रावण का शब्द प्रयोग करने के लिए उनसे माफी मांगने को कहा।उन्होंने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की तरफ से की गई टिप्पणियों पर भी आपत्ति जताई।उन्होंने बद्दी की एसपी को हटाए जाने पर सवाल उठाए तथा कहा कि उनके अवकाश पर जाने के कारणों का खुलासा होना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अधिकारी को खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की सजा मिली है।जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते बुधवार तक एचआरटीसी के पैंशनर्ज को पैंशन नहीं मिली थी,जो शायद वीरवार को मिली है तथा इस कारण उनको इस्तीफा दे देना चाहिए।जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा की तरफ से राज्यपाल को जो कच्चा चिट्ठा सौंपा गया है उसका पक्का चिट्ठा भी तैयार है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय पर जिस तरह से भ्रष्टाचार को लेकर उंगली उठी है,उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।इस संदर्भ में वायरल हुआ पत्र केंद्र सरकार तक भी पहुंचा है जिसमें संगीन आरोप लगाए गए हैं।उन्होंने कहा कि राज्यपाल को सरकार के जिन 18 घोटालों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है,उसके साथ प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए हैं।ऐसे में इन सभी तथ्यों की जांच होनी चाहिए।

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