जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक आयोजित।

अग्रणी बैंकों की त्रैमासिक जिला स्तरीय समीक्षा समिति की बैठक उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में बचत भवन में आयोजित की गई।उपायुक्त ने कहा कि बैंकों में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को अधिक से अधिक लाभ देने का प्रयास करें।उन्होंने कहा कि बैंक के माध्यम से गरीब व्यक्ति को सरकार की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जागरूक करने पर जोर दिया जाये।आत्मनिर्भर व स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बैंकों की ओर से वित्तीय साक्षरता शिविरों को आयोजन ऐसे दिनों में हो जिससे अधिक से अधिक स्थानीय लोग उन शिविरों में पहुंच सके।उपायुक्त ने कहा कि बैंकिग प्रणाली में संवाद को और मजबूत करने की आवश्यकता है।अगर लोगों के साथ बेहतर संवाद होगा तभी लोगों का विश्वास अर्जित करके उन्हें सही योजना का लाभार्थी बना पाएंगे।बैंक एक जुट होकर लोगों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कार्य करें।

बैठक में बैंकों की ओर से लाभार्थियों की सफलता से सम्बंधित लघु विडियो भी दिखाए गए।

बैठक में विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 30 सितंबर 2024 तक 2 लाख 8 हजार 65 खाता धारक हैं जिनमें जीरो बैलेंस के साथ 22 हजार 521 खाता धारक शामिल हैं। इस योजना के तहत 191 करोड़ 31 लाख रुपए जमा है,एक लाख 45 हजार 36 खाता धारकों को रुपए कार्ड जारी किए जा चुके है और इसके साथ 98 हजार 994 रुपए कार्ड एक्टिवेट हो चुके है।उक्त योजना के तहत 01 लाख 77 हजार 908 खातों को आधार से जोड़ा जा चुका है।कृषि क्षेत्र में बैंकों ने निर्धारित लक्ष्य का 26.57 फीसदी और एमएसएमई में 53.28 फीसदी हासिल किया है।बैंकों के प्रायोरिटी सेक्टर में 29.84 फीसदी,नॉन प्रायोरिटी सेक्टर में 172.85 फीसदी और ओवर ऑल अचीवमेंट में 44.60 फीसदी लक्ष्य हासिल किया गया है।पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 29 लाभार्थी है और किसान क्रेडिट कार्ड के तहत 8921 लाभार्थी है।पीएम स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि के तहत 60 लाभार्थियों को 16 लाख 20 हजार रुपए दिए जा चुके है।बैंकों की क्रेडिट डिपाजिट दर 43.27 फीसदी से गिरकर 41.42 फीसदी हुई है,214 स्वयं सहायता समूहों को 5 करोड़ 57 लाख तक वित्तीय सहायता मुहैया करवाई गई है।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 30 सितंबर 2024 तक शिशु लोन में 576 मामले,किशोर लोन में 3109 मामले और तरुण लोन में 1178 मामले तिमाही में आए है।ग्रामीण क्षेत्रों में इस तिमाही में 712 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए।इस दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक भीमा दत्ता ने पिछली तिमाही की बैठक की करवाई रिपोर्ट रखी।बैठक में सभी बैंकों प्रतिनिधि मौजूद रहे।प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत 1 लाख 37 हजार 272 लाभार्थियों का पंजीकरण किया जा चुका है,जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 3 लाख 27 हजार 698 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है।इसी प्रकार,अटल पेंशन योजना के तहत 67 हजार 690 लाभार्थियों का पंजीकरण हुआ है।ग्रामीण आत्म स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान,वित्तीय साक्षरता और क्रेडिट काउंसलिंग सेंटर के सहयोग से 467 को प्रशिक्षण दिया गया है।इनमें सामान्य वर्ग से 262,एससी/एसटी के 202 और ओबीसी अल्पसंख्यक से 3 लाभार्थी शामिल है जबकि इसमें 461 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल है।इन 467 लाभार्थियों को मधु मक्खी पालन में 70,सामान्य एडीपी में 100,ब्यूटी पार्लर मैनेजमेंट में 34,फास्ट फूड स्टाल उद्यमी में 35,पापड़ आचार एंड मसाला पाउडर में 31,जूट प्रोडक्ट उद्यमी में 64,महिला ट्रेनर में 100 और कॉस्ट्यूम ज्वैलरी उद्यमी में 33 को ट्रेनिंग दी गई है।

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