BJP में शामिल होने के बाद कांग्रेस के 6 बागी और 3 निर्दलीय विधायक शिमला के पीटरहॉफ पहुंचे।शिमला पहुंचने पर उनका भाजपा की तरफ से शॉल व टोली पहनाकर स्वागत किया गया।वहीं राज्यसभा चुनाव जीतने वाले हर्ष महाजन का भी स्वागत किया गया।इस दौरान भाजपा नेता,विधायक व कार्यकर्ताओं ने पीटरहॉफ में डाली नाटी।इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए इन 9 नेताओं ने संयुक्त रूप से प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।कांग्रेस से बगावत के बाद भाजपा में शामिल हुए सुधीर शर्मा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव परिणाम के बाद मुख्यमंत्री को अपने पद से त्यागपत्र दे देना चाहिए।उन्होंने कहा कि जब 14 माह के कार्यकाल में विधायकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची और सचिवालय में मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटे गए तो ऐसे हालात में सरकार में बने रहने का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मित्रों की सरकार है और प्रदेश सचिवालय फ्रैंड्स कैफे बन गया है।उन्होंने कहा कि अब वह आजीवन भाजपा में रहेंगे।उधर राजेंद्र राणा ने कहा कि सत्तारुढ़ दल के कई विधायक अभी भाजपा में आने को तैयार बैठे हैं।उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह के आरोप मुख्यमंत्री ने निर्वाचित प्रतिनिधियों पर लगाए हैं,वह उसे साबित करें अन्यथा सभी मानहानिक का केस करेंगे।उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने जनप्रतिनिधियों के स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई है।निर्दलीय विधायक होशयार सिंह ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया है। उनके जीवन में 15 माह अब तक के इतिहास का सबसे खराब समय हैं,जिसमें लोगों के काम नहीं हो रहे हैं तथा निर्दलीय विधायकों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं।

9 नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी मजबूत हुई : बिंदल।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ.राजीव बिंदल ने कहा कि 9 नेताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी मजबूत हुई है।उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है,जब 40 सीटें जीतने वाली सरकार अल्पमत में आई है।

केंद्र के साथ हिमाचल में एक साथ बनेगी भाजपा सरकार:जयराम।

नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दावा किया है कि केंद्र के साथ हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार अपना बहुमत खो चुकी है।इस कारण चुने हुए प्रतिनिधियों के घर तोड़ने,घरों का रास्ता रोकने एवं झूठी एफआईआर दर्ज करने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार को अपने सीपीएस व विधायकों पर भरोसा नहीं रह गया है।इस कारण दिन-रात उनके ऊपर पुलिस की तरफ से उनकी निगरानी की जा रही है।उन्होंने कहा कि हिमाचल के इतिहास में इस बात का जिक्र होता रहेगा कि सरकार के जनविरोधी निर्णयों के कारण 9 विधायकों को 15 माह के भीतर अपनी सदस्यता से त्यागपत्र देना पड़ा था।

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