जागरूकता से एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में आया बदलाव।

CM ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘लेट कम्यूनिटीज लीड’ विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय विश्व एड्स दिवस समारोह की अध्यक्षता की।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आने वाले बजट में एड्स पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए एक योजना लेकर आएगी,जिसमें ऐसे बच्चों को शिक्षा के अवसर प्रदान करने और उन्हें मुख्य धारा में शामिल करने के प्रावधान होंगे।उन्होंने कहा कि पहले समाज में एड्स ग्रसित व्यक्ति को घृणा की दृष्टि से देखा जाता था,लेकिन लगातार जागरूकता कार्यक्रमों के कारण आज एड्स के प्रति समाज के दृष्टिकोण में बदलाव आया है।

उन्होंने आह्वान किया कि बीमार अपनी बीमारी न छुपाएं,बल्कि समाज के सामने स्वीकार करें।उन्होंने कहा कि एड्स पीड़ित व्यक्तियों की सहायता के लिए वर्तमान राज्य सरकार हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।उन्होंने कहा कि आगामी बजट में सरकार विधवाओं और मूक-बधिर बच्चों के लिए भी एक योजना लाने जा रही है।दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई के लिए एक अच्छा स्कूल और कॉलेज खोलने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उस वर्ग की आवाज बन रही है,जो सहज अपनी आवाज सरकार तक पहंुचा नहीं सकते।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित बच्चों के कल्याण के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना चलाई गई है,जिसके तहत बच्चों के रहने और उनके भरण-पोषण का दायित्व राज्य सरकार का होगा।उन्होंने कहा कि अब 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों को रहने और उनके पालन पोषण के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है तथा इसके लिए राज्य सरकार ने कानून भी बना दिया है।उन्होंने युवाओं से जीवन में सफलता के लिए चुनौतियों का दृढ़ता के साथ सामना करने का आह्वान भी किया।ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा ‘‘मैं आपके सामने सबसे बड़ा उदाहरण हूं।सब कहते थे कि सरकारी नौकरी करो,लेकिन कड़ी मेहनत से मुख्यमंत्री के पद पर पहुंचा।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधार लाने जा रही है।अगले शैक्षणिक सत्र से सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी की कक्षाएं शुरु करेंगे।स्कूलों में शिक्षक उपलब्ध करवाए जाएंगे व खेल की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।इसके साथ-साथ राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल भी खोले जा रहे हैं। सरकारी शिक्षण संस्थानों में गुणात्मक शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार वचनबद्धता के साथ कार्य कर रही है।राज्य सरकार गेस्ट फेकल्टी लेक्चरर लगाने पर विचार कर रही है।इसके साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित नए समय से कोर्स शुरू किए गए हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव करने जा रही है, ताकि प्रदेश के लोगों को राज्य में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकें।ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सीमित संसाधनों और कर्ज का भारी बोझ होने के बावजूद राज्य सरकार चार साल में हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएगी और दस वर्षों में हिमाचल प्रदेश देश का सबसे समृद्ध राज्य होगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इसके लिए कड़े फैसले कर रही है,जिनके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इस बीमारी को फैलने से रोकने में,बहुमूल्य योगदान देने पर विभिन्न संगठनों को पुरस्कार प्रदान किए।

स्टैंड अलोन इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर ऊना,डॉ. राधा कृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर (एसटीआई क्लीनिक),एआरटी आईजीएमसी शिमला (एआरटी सेंटर) और एनजीओ सनराइज-टार्गेटेड इंटरवेंशन प्रोजेक्ट (टीआईपी) ऊना को सर्वश्रेष्ठ सेवा केंद्र के रूप में सम्मानित किया गया।ठाकुर सुखविंदर सिंह ने जिला बिलासपुर के राजकीय आईटीआई बरठीं,जिला चंबा के राजकीय महाविद्यालय चौरी,जिला हमीरपुर के सिद्धार्थ राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय नादौन,जिला कांगड़ा के शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा राजकीय महाविद्यालय पालमपुर, जिला किन्नौर के टी.एस.नेगी राजकीय महाविद्यालय रिकांगपिओ,जिला कुल्लू के रामेश्वरी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान शाढ़ाबाई,जिला लाहौल-स्पीति के राजकीय महाविद्यालय कुकुमसैरी उदयपुर,जिला मंडी के वल्लभ राजकीय महाविद्यालय,जिला शिमला के राजकीय महाविद्यालय धामी,जिला सिरमौर के इंस्टीट्यूूट ऑफ डेंटल साईसिंस पांवटा साहिब,जिला सोलन के राजकीय महाविद्यालय अर्की और जिला ऊना के राजकीय महाविद्यालय अंब को सर्वश्रेष्ठ रेड रिबन क्लब के रूप में पुरस्कृत किया।

उन्होंने राज्य स्तरीय समारोह को सफल बनाने के लिए आरकेएमवी कॉलेज शिमला,आरजीजीडीसी कोटशेरा शिमला,सेंटर ऑफ एक्सीलेंस राजकीय महाविद्यालय संजौली,जेएलएन फाइन आर्ट्स कॉलेज,चौड़ा मैदान,सेंट बीड्स कॉलेज शिमला,राजकीय संस्कृत महाविद्यालय शिमला,राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय शिमला, एच.पी. कॉलेज ऑफ एजुकेशन टुटू शिमला,शिवालिक नर्सिंग महाविद्यालय भट्टाकुफर शिमला,आईटीआई शिमला, मॉडर्न नर्सिंग महाविद्यालय,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय टुटू,राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय संजौली और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाडेल के प्राचार्यों के प्रयासों की भी सराहना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।उन्होंने विश्व एड्स दिवस के अवसर पर लगाई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

इस अवसर पर एड्स पीड़ित एक महिला ने अपने जीवन के अनुभव साझा किए।मुख्यमंत्री ने इस महिला को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की।स्वास्थ्य मंत्री डॉ.(कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि विश्व में नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं,जिनका उपचार ढूंढने के लिए वैज्ञानिक दिन-रात प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि अगर शरीर स्वस्थ नहीं होगा तो मन भी स्वस्थ नहीं होगा।उन्होंने कहा कि संयम मनुष्य को देवतुल्य बना देता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सामाजिक विषयों पर सोच संवेदनशील है।उनके कुशल नेतृत्व में एचआईवी एड्स सहित अन्य गंभीर बीमारियों से निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।नशे के खिलाफ भी राज्य सरकार कड़े कदम उठा रही है।उन्होंने कहा कि सही देखभाल और समय पर दवाई लेने से एचआईवी ग्रस्त व्यक्ति आम जीवन जी सकता है।इससे पहले सचिव स्वास्थ्य एम.सुधा देवी ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का स्वागत किया।इस अवसर पर एड्स जागरूकता पर एक लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई।राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने दो लाख रुपये,बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने 25 लाख रुपये तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टुटू ने 51 हजार रुपये के चेक भी मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू को आपदा राहत कोष के लिए भेंट किए।इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी,महापौर सुरेंद्र चौहान, ओएसडी गोपाल शर्मा,राज्य परियोजना निदेशक एड्स नियंत्रण सोसाइटी,राजीव कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
