
सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य संसदीय सचिव की नियुक्ति को चुनौती देने से जुड़े मामले में दायर ट्रांसफर पिटीशन को खारिज कर दिया।सरकार और मुख्य संसदीय सचिव सुंदर सिंह ठाकुर की ओर से इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में स्थानांतरण याचिकाएं दायर की थीं।इन याचिकाओं में प्रदेश हाईकोर्ट के समक्ष लंबित दो याचिकाओं को सर्वोच्च न्यायालय के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया गया था।सुप्रीम कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद अब प्रदेश हाईकोर्ट में उपमुख्यमंत्री और अन्य सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई 7 दिसम्बर को होगी।गौरतलब है कि भाजपा नेता सतपाल सत्ती सहित 12 भाजपा विधायकों ने उपमुख्यमंत्री समेत सीपीएस की नियुक्ति को चुनौती दी है।याचिका में अर्की विधानसभा क्षेत्र से सीपीएस संजय अवस्थी,कुल्लू से सुंदर सिंह,दून से राम कुमार,रोहड़ू से मोहन लाल ब्राक्टा,पालमपुर से आशीष बुटेल और बैजनाथ से किशोरी लाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है।याचिका में उपमुख्यमंत्री को कैबिनेट मीटिंग में हिस्सा लेने से रोकने के आदेशों की मांग के साथ-साथ इसकी एवज में मिलने वाले अतिरिक्त वेतन को वसूलने की मांग भी की है।
