
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला के साथ किन्नौर जिला के अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन कल्पा उपमंडल के भटसेरी गांव का दौरा किया राज्यपाल ने गांव में बने विष्णु नारायण मंदिर में माथा टेका।उन्होंने महिला मंडलों व अन्य स्वयं सेवी संगठनों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।इस अवसर पर,राज्यपाल ने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि यहां के स्थानीय निवासी पूरी तरह अपनी जड़ों से जुड़े हैं और सेवानिवृति के बाद भी गांव आकर अपने गांव के विकास में योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिये सीमा पर हमारे जीवन तैनात हैं उसी तरह देश के इन प्रथम गांव के लोग भी हमारी रक्षा कर रहे हैं।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के द्वारा केंद्र सरकार के मंत्रियों को इन प्रथम गांव भेजकर यह संदेश दिया है कि इन गांव का विकास हम सब की जिम्मेदारी है।उन्होंने कहा कि सांगला घाटी को उसके पुराने स्वरूप में विकसित करने के लिए प्रयास लिये जाएंगे।उन्होंने कहा कि किन्नौर के लोगों का ह्रदय विशाल है और वे अपने रीति-रिवाज़ों को मानने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि सड़क और कृषि गतिविधियों को विकसित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।इससे पूर्व,ग्राम पंचायत भटसेरी के प्रधान प्रदीप कुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया।इस अवसर पर,भटसेरी के लोगों ने भी राज्यपाल के समक्ष अपने विचार व्यक्त किये।इस अवसर पर किन्नौरी संस्कृति की झलक दिखाता सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया।लेडी गवर्नर और उपायुक्त ने भी किन्नौरी नाटी डाल कर संस्कृति का आनंद लिया।

राज्यपाल ने सांगला बाजार का दौरा भी किया जहां पिछले दिनों प्राकृतिक आपदा से काफी नुकसान हुआ था।बाद में,राज्यपाल ने भारत-तिब्बत सीमा बल की मस्तरंग चौकी का दौरा किया। उन्होंने बल के जवानों के साथ बातचीत कर उनका हौंसला बढ़ाया।लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला भी राज्यपाल के साथ थीं।उन्होंने कहा कि बल के यह जवान देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ भी समन्वय स्थापित कर विकास में सहयोग कर रहे हैं।राज्यपाल के सचिव राजेश शर्मा,उपायुक्त सुश्री तोरुल रवीश,पुलिस अधीक्षक विवेक चहल और आई.टी.बी.पी. के अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

