Shimla/karsog:ज़िला मंडी के राजकीय आदर्श माध्यमिक विद्यालय करसोग में आयोजित किया जा रहा 7 एचपी एनसीसी शिमला द्वारा वार्षिक प्रशिक्षण कैंप-138 में एनसीसी कमान अधिकारी व एनसीसी ट्रेनिंग कैम्प कमांडेंट कर्नल डी.आर.गार्गी की अध्यक्षता में उपमंडल करसोंग के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ.राकेश ठाकुर की ओर से कैडेट्स को नशे से होने वाले शारिरिक और मानसिक प्रभावों के बारे जानकारी दी और बढ़ती नशाखोरी के खिलाफ जागरूक किया और बताया कि एनसीसी कैडेट्स नशाखोरी को रोकने और युवाओं को जागरूक करने में बेहतर भूमिका निभा सकते हैं।ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ.राकेश ठाकुर ने कैडेट्स को तंबाकू व मादक पदार्थों और चिटा जैसी खतरनाक नशे के दुषपरिणामों से अवगत करवाया और जागरूक किया कि इस प्रकार की नशाखोरी से बचें और दूसरों को भी जागरूक कर नशाखोरी से बचाएं।डॉ.ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एनसीसी कैडेट्स नशा छोड़ो अभियान में अहम भूमिका निभा रहे है।कैम्प में डॉक्टरों की टीम ने एनसीसी कैडेट्स की सेहत भी जाँची।

कमान अधिकारी व एनसीसी ट्रेनिंग कमान्डेंट कर्नल डी.आर.गार्गी ने कैडेट्स को नशा न करने के बारे में शपथ दिलाई और कैडेट्स ने परेड़ कर किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने का संकल्प भी लिया।कर्नल डी.आर.गार्गी ने बताया कि भारत में हर साल लगभग 12 लाख लोग तंबाकू उत्पादों के उपयोग करने के कारण मरते हैं और नई नशाखोरी चिटा आज हिमाचल भारत के दूसरे राज्यों की समस्या नहीं है बल्कि वैश्विक समस्या बन रही है और इससे बचने का सिर्फ एक ही उपाय है नशा-मुक्त समाज जो कि समय समय पर लोगों व युवाओं की काउंसलिंग,तनाव मुक्त वातावरण और एनसीसी और खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल करना के जरिए हो सकता है।

कर्नल गार्गी ने कैडेट्स को बताया कि एनसीसी की गतिविधियां और खेलकूद युवाओं को नशाखोरी की ओर आकर्षित होने से बचाती हैं।गार्गी ने बताया कि स्वच्छता अभियान व जागरुकता अभियान के माध्यम से एनसीसी कैडेट्स हमेशा इस दिशा में समय-समय पर रैली,नारा-लेखन,पेंटिंग प्रतियोगिता के माध्यम से आम जनता को जगरूक करते रहते हैं।

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