Shimla:कांग्रेस कमेटी जिला कांगड़ा के उपाध्यक्ष एवं हिमाचल गद्दी सामुदाय विकास समिति शिमला के पूर्व महासचिव त्रिलोक सूर्यवंशी ने जनजातीय जिला लाहुल स्पिति के दुर्गम क्षेत्र भाबा पिन एरिया – सगंम घाटी,भाबा पास से मुध गाँव और चन्द्रताल में फंसे भेड़ पालकों की खोज- खबर व रेस्क्यू करके सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए सुखू सरकार का आभार प्रकट किया है।त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि असमय भारी हिमपात व बारिश के कारण कांगड़ा,मण्डी,रामपुर,कुल्लू तथा किन्नौर के भेड़पालकों के लगभग 21 डेरे,पालमपुर ( कण्डवाडी़ )का एक,रामपुर के 9,मण्डी के 2,कुल्लू का एक तथा किन्नौर के 8 डेरे अपनी हजारों भेड़ बकरियों सहित बर्फ़ में फंसे हुए थे जिन्हें सुरक्षित क्षेत्रों की ओर रवाना किया गया तथा कुछ भेड़पालक अपनी इच्छानुसार जहाँ थे बहीं अपनी चारागाहों में अपनी भेड़ बकरियों सहित रुक गये हैं।इसके अतिरिक्त चन्द्रताल के ऊपरी क्षेत्रों में फंसे लगभग 4-5 डेरों को रेस्क्यू करने का कार्य जारी है।त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू जी बचाव कार्य पर निगरानी रखे हुए हैं जिस कारण यह असम्भव कार्य भी सम्भव हो गया।त्रिलोक सूर्यवंशी ने कहा कि प्रदेश में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा में जिस तरह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ कुल्लू- मण्डी में स्वयं लोगों के मध्य खड़े होकर बचाव कार्य का नेतृत्व किया और चन्द्रताल से सैंकड़ों पर्यटकों को बाहर निकाल कर अद्वितीय मिसाल प्रस्तुत करके सराहनीय व अतुलनीय कार्य किया है,त्रिलोक सूर्यवंशी ने बरसात व प्राकृतिक आपदा से भेड़पालकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रदेश सरकार से उचित व आवशक कदम उठाने की गुहार लगाई है।

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