Himachal Pradesh विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष ने आऊटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने को लेकर सदन में हंगामा किया।विपक्ष ने इस मुद्दे पर नियम 67 के तहत सभी कार्य रोककर चर्चा की मांग की,जिसे विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया ने अस्वीकार कर दिया।इस पर विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी की और सदन के बीचोंबीच बैठकर भी अपना विरोध जताया।

सदन में काफी देर तक हंगामा चलता रहा और इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआऊट किया।विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विधायक रणधीर शर्मा ने मामला उठाने का प्रयास किया।लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए इसकी अनुमति नहीं दी।उन्होंने कहा कि विधायक सुखराम चौधरी,त्रिलोक जम्वाल,सुरेंद्र शौरी,रणधीर शर्मा,जनकराज,विपिन सिंह परमार, विनोद कुमार और हंसराज ने आऊटसोर्स भर्ती को लेकर नियम 67 के तहत चर्चा की मांग की थी।इस विषय पर पहले ही कई सवाल लग गए हैं,जिसका सरकार की ओर से जवाब दिया गया है।उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया और इसके बाद प्रश्नकाल शुरू कर दिया।इस पर सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया। पहला सवाल रणधीर शर्मा का ही लगा था।उन्होंने इस दौरान जब यह मुद्दा उठाने का प्रयास किया तो संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन ने आपत्ति जताई। विधानसभा अध्यक्ष की ओर से अनुमति नहीं मिलने तथा प्रश्नकाल शुरू करने पर विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी तथा कुछ देर बाद वह नारे लगाते हुए सदन के बीचोंबीच आ गए।काफी देर तक नारे लगाने के बाद विपक्ष के सदस्य वैल में बैठ गए और नारे लगाते रहे।काफी देर के बाद विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए सदन से बाहर चले गए।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने कहा कि पिछले 5 वर्ष में मुख्यमंत्री रहते जयराम ठाकुर आऊटसोर्स के लिए पॉलिसी क्यों नहीं बना पाए।उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता ने आईना दिखाया है।वर्तमान सरकार ने आऊटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में 750 रुपए की बढ़ौतरी की है।साथ ही हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में सब कमेटी का गठन किया गया है।इस सब कमेटी की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर सरकार अपना अगला फैसला लेगी।
