राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कुमारी आस्था शर्मा को राजभवन बुलाकर उनकी प्रतिभा का सम्मान किया।राष्ट्रीय युवा संसद की भाषण प्रतियोगिता में आस्था शर्मा ने प्रथम स्थान हासिल कर हिमाचल को गौरवान्वित किया है।वह शिमला के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कॉलेज,संजौली की बी.एस.सी द्वितीय वर्ष की छात्रा है।राज्यपाल ने आस्था को हिमाचली टोपी, शॉल और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया और इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
कुमारी आस्था शर्मा और उनके माता-पिता के लिए यह गौरवमयी क्षण थे जब राज्यपाल ने उनसे भेंट करने के लिए उन्हें आमंत्रित किया।आस्था के पिता मनमोहन शर्मा सेब बागवान हैं और माता रेखा शर्मा गृहणी है।वह शिमला जिले के कोटगढ़ के लोष्टा गांव से संबंधित हैं।राज्यपाल ने कहा कि विद्या अर्जन से ही व्यक्ति की प्रतिष्ठा है और विद्या कभी समाप्त नहीं होती।उन्होंने आस्था को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि महान लेखक,साहित्यकार,कवि व कलाकार इत्यादि अपनी प्रतिभा से ही जीवित रहते हैं।उन्होंने आस्था को और मेहनत कर जीवन मेें सफलता हासिल करने की प्रेरणा दी।
श्री शुक्ल ने कहा कि वह प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनीं है।‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओं’ अभियान को आरम्भ करने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटियों को आगे बढ़ने और प्रोत्साहित करने के अनेक प्रकल्प आरम्भ किए हैं।इस का परिणाम है कि आज हमारी बेटियां अपनी प्रतिभा से दुनिया में अपनी अलग छाप छोड़ रही हैं।उन्होंने कहा कि बच्चों को मिलने वाले संस्कारों का श्रेय उनके माता-पिता और गुरुजनों को जाता है लेकिन, बच्चे अपनी मेहनत से श्रेष्ठता हासिल करते हैं।
इस अवसर पर,आस्था की छोटी बहन भव्य शर्मा भी उपस्थित थी जो अपनी बड़ी बहन से प्रेरणा लेकर उपलब्धि हासिल करना चाहती है।
हिमाचल प्रदेश के लोकायुक्त न्यायमूर्ति चंद्र भूषण बरोवालिया भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

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