
शिमला।महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।इसी बीच हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं वरिष्ठ नेता हरि कृष्ण हिमराल ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा को महिलाओं के प्रति पारंपरिक रूप से विरोधी करार दिया है।हिमराल ने बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है और इसका प्रमाण देश के इतिहास में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।उन्होंने कहा कि देश की पहली महिला पार्टी अध्यक्ष,पहली महिला प्रधानमंत्री,पहली महिला मुख्यमंत्री सहित कई अहम पदों पर महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम कांग्रेस ने किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का महिलाओं के प्रति रवैया संदेह के घेरे में रहा है।उन्होंने ब्रिज भूषण शरण सिंह और कुलदीप सेंगर जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे प्रकरणों में भाजपा का रुख महिलाओं के सम्मान के खिलाफ नजर आता है।साथ ही अंतरराष्ट्रीय महिला खिलाड़ियों के साथ हुए व्यवहार को भी उन्होंने “दमनकारी” बताया।

महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए हिमराल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1996 में इस बिल की शुरुआत की थी और UPA सरकार के दौरान 2008-10 में इसे राज्यसभा से पारित भी कराया गया,लेकिन उस समय लोकसभा में भाजपा ने इसका विरोध किया।उन्होंने कहा कि 2023 में यह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ,लेकिन अब इसे दोबारा पेश करना केवल पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के चुनावों को ध्यान में रखकर किया गया राजनीतिक कदम है।उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि अगर पार्टी वास्तव में महिलाओं के प्रति गंभीर है,तो 2029 के लोकसभा चुनावों में बिना परिसीमन के ही मौजूदा 543 सीटों पर महिला आरक्षण लागू करे।उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा जा रहा है।हिमराल ने कहा कि कांग्रेस का महिलाओं को राजनीतिक,सामाजिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ाने का “स्वर्णिम इतिहास” रहा है,जबकि भाजपा केवल मुद्दों को चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही है।
