
14वीं विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने अपने अभिभाषण में कहा कि कर्मचारियों की दक्षता व अनुशासन के साथ समझौता नहीं किया जाएगा। उनकी सरकार महंगाई को कम करने व बेरोजगारी दूर करने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगी।राज्यपाल ने कहा कि उनकी सरकार,पार्टी के प्रतिज्ञा पत्र को नीतिगत दस्तावेज बनाकर कार्य करेगी। रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए उनकी सरकार चरणबद्ध रूप में आर्थिकी के सभी क्षेत्रों में नवीन रोजगार कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान देगी।उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता होगी।

महिलाओं को भी समान भागीदारी दिलाएगी सरकार
राज्यपाल कहा कि मेरी सरकार महिलाओं को भी समान भागीदारी दिलाएगी।वहीं हिमाचल की आर्थिकी कृषि व बागवानी पर आधारित है।लिहाजा इस क्षेत्र का प्रोत्साहन उनकी सरकार की प्राथमिकता में रहेगा।उन्होंने कहा कि विधानसभा में कई युवा सदस्य चुनकर आए हैं और सरकार का नेतृत्व भी युवा मुख्यमंत्री कर रहे हैं। जनता द्वारा दिए गए इस जनादेश से आप सभी पर अपने-अपने क्षेत्र और इस प्रदेश के विकास की महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी है।इसके लिए उन्होंने विपक्ष से ठोस व रचनात्मक सुझाव देने की अपील की, जिनसे सरकार को नीति निर्धारण में पूर्ण सहयोग मिले।

कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता।
राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता होगी।भ्रष्टाचार से प्रदेशवासियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए शासन-प्रशासन की दशा और दिशा सुधारी जाएगी। सरकार का यह प्रयास रहेगा कि प्रदेश में प्रभावी,पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन तंत्र स्थापित किया जाए तथा समाज के हर वर्ग की भागीदारी से विकास कार्यों का प्रभावी और पारदर्शी ढंग से कार्यान्वयन किया जाएगा। राजेंद्र विश्वनाथ ऑर्लेकर ने कहा कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ होते हैं। सरकार कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध बनाए रखेगी तथा उनकी जायज समस्याओं एवं मांगों पर सदैव सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी।

