बोले हिमाचल में वित्तीय कुप्रबंधन और भ्रष्टाचार ने विकास को किया ठप,कांग्रेस सरकार ने प्रदेश को कर्ज के बोझ तले दबाया।

शिमला।भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने संसद भवन स्थित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय में उनसे शिष्टाचार भेंट की।इस दौरान हिमाचल प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक,आर्थिक एवं प्रशासनिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा हुई।हर्ष महाजन ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान उत्पन्न हालात,वित्तीय कुप्रबंधन,भ्रष्टाचार,विकास कार्यों में आई रुकावट तथा आपदा प्रबंधन की स्थिति से केंद्रीय गृह मंत्री को विस्तार से अवगत कराया।हर्ष महाजन ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद से वित्तीय अनुशासन पूरी तरह समाप्त हो गया है।सरकार ने बिना किसी दूरदृष्टि के प्रदेश को भारी कर्ज के बोझ तले धकेल दिया है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अब तक ₹1.10 लाख करोड़ से अधिक का ऋण ले चुकी है,लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं।सड़कों,पेयजल,स्वास्थ्य,शिक्षा और अन्य आधारभूत ढांचों से जुड़े कार्यों की गति रुक गई है,जबकि जनता को किसी नई विकास योजना का लाभ नहीं मिल रहा।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री कार्यालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है।प्रदेश में सामने आने वाले अधिकांश भ्रष्टाचार के मामलों के तार सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़ते दिखाई देते हैं।उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस के अपने ही नेता वर्तमान सरकार को “सूटकेस वाली सरकार”कहकर संबोधित कर रहे हैं।इससे स्पष्ट है कि भ्रष्टाचार केवल विपक्ष का आरोप नहीं,बल्कि कांग्रेस के भीतर भी सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर असंतोष व्याप्त है।उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि एक समय था जब कांग्रेस राज में भ्रष्टाचार स्कूटर पर चलता था,लेकिन अब वही भ्रष्टाचार सूटकेस में चलता है।हर्ष महाजन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में आपदा प्रबंधन के मामले में भी कांग्रेस सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार के पास न कोई पूर्व तैयारी है और न ही कोई ठोस कार्ययोजना।हर आपदा के बाद कांग्रेस सरकार केवल केंद्र सरकार पर दोषारोपण कर अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास करती है।उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समय-समय पर हिमाचल प्रदेश को उदारतापूर्वक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई,लेकिन प्रदेश सरकार उस राशि का भी प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग करने में असफल रही।उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा राहत के नाम पर प्राप्त धनराशि का लाभ वास्तविक प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंच पाया।राहत वितरण में पारदर्शिता के बजाय पक्षपात और भाई-भतीजावाद को प्राथमिकता दी गई।उन्होंने कहा कि अनेक आपदा प्रभावित परिवार आज भी सहायता की प्रतीक्षा कर रहे हैं,जबकि राहत वितरण में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और अपने चहेतों को प्राथमिकता देने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।इससे प्रदेश की जनता का सरकार पर से विश्वास पूरी तरह उठ चुका है।हर्ष महाजन ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश को दी जाने वाली सहायता का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पहुंचे।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के विकास,आपदा राहत एवं जनकल्याण के लिए हरसंभव सहयोग देती रहेगी,जबकि प्रदेश सरकार को भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करना चाहिए।
