
प्रदेश की पूर्व सरकार ने जल जीवन मिशन को कागजों में पूरा दिखाया,जिसके चलते अब इस योजना के लिए केंद्र से बजट नहीं मिल रहा है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने मंगलवार को बजट पर चल रही चर्चा के दौरान हस्तक्षेप करते हुए यह बात कही।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा कि हिमाचल में जल जीवन मिशन का काम पूरा हो चुका है,क्योंकि केंद्र सरकार ने लोकसभा चुनाव से पहले यह दिखाना था कि जल जीवन मिशन पूरा हो गया।उन्होंने कहा कि कई ऐसे कागजों में काम निपटाए गए लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि केंद्र से जारी मिशन का पैसा सिर्फ 8 से 10 विधानसभा में खर्च किया गया।नल लगा दिए लेकिन स्कीमों पर ध्यान नहीं दिया गया।अधूरी स्कीमों को पूरा करने के लिए अब बजट मिल रहा है।कहा जा रहा है की जब मिशन का कार्य पूरा हो चुका है तो बजट किस लिए मांग रहे हैं।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि करीब 1 हजार से 1200 करोड़ रुपए केंद्र के पास फंसा है।सरकार इस पैसे को लेकर जद्दोजहद कर रही है।इसको लेकर लगातार पत्राचार भी किया जा रहा है।कई बार केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की जा चुकी है।उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन केंद्र सरकार का प्लान है।साथ ही उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर कई जगह जांच भी बैठा दी है।केंद्र के अधिकारी स्कीमों को देखने के लिए पहुंच रहे हैं।कई राज्यों में तो मामले भी दर्ज किए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि केंद्र से जल जीवन मिशन का पैसा जारी होने पर स्कीमों का कार्य भी पूरा किया जाएगा।बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक विनोद कुमार ने जल जीवन मिशन को लेकर कहा कि पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान जल जीवन मिशन में जो काम हुआ,वह कोई नहीं कर सका।उन्होंने सिंचाई योजना को लेकर भी सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए।
