
हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई,जिसमें कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।कैबिनेट ने सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनावों को लेकर लिया है।नए निर्णय के तहत यह तय किया गया है कि जो लोग चिट्टा तस्करी में मशगूल हैं,जिन पर चिट्टा मामले में केस दर्ज है या इस सिंथेटिक नशे के केस में जिन लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट फाइल हो चुकी है,वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।मंत्रिमंडल ने पंचायत कोरम पर भी बड़ा फैसला लिया है।इसके तहत पहले एक चौथाई की शर्त थी,अब इसे बढ़ा कर 1:10 कर दिया है।मंत्रिमंडल ने तय किया है कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों का अलग से कैडर होगा।आईजीएमसी शिमला,मंडी स्थित नरचौक मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में बायोफिजिक्स विभाग बनेगा।नाहन मेडिकल कॉलेज की सब कमेटी को मंजूरी दी है।कैबिनेट ने छह विद्या उपासक को जेबीटी बनाने का भी फैसला लिया है।

शहरी क्षेत्र में बिछेगी एलपीजी गैस लाइन:राज्य के शहरी क्षेत्रों में एलपीजी गैस लाइन बिछाने के विकल्पों पर राज्य सरकार काम करेगी।इसके तहत अब लोगों को सिलैंडर की बजाए पाइप लाइन के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति की जाएगी।पहले चरण में ऊना,बिलासपुर और हमीरपुर जैसे शहरों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

एंट्री टैक्स मामले में सीएम सुक्खू की पंजाब के मुख्यमंत्री से बात:मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाए जाने के मुद्दे पर बात की है।उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल में इस विषय पर चर्चा हुई,जिसमें पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाहनों पर एंट्री टैक्स लगाने में छूट देने की बात संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कही है।
