
कांग्रेस शासित नगर निगम शिमला ने शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच अपना तीसरा बजट पेश किया।मेयर सुरेंद्र चौहान और डिप्टी मेयर उमा कौशल की अध्यक्षता में यह बजट पेश किया गया।पिछले साल की अपेक्षा इस साल बजट में 500 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है।नगर निगम शिमला ने इस साल 688 करोड़ बजट पेश किया है,जो जीरो डेफिसिट है।यानी खर्चा भी इतना ही है।शहर में फ्लैट बनाने के लिए नगर निगम 200 करोड़ लोन लेगा,जो अब बजट का हिस्सा बना दिया गया है।केंद्र सरकार के सास्की फंड,अर्बन चैलेंज फंड और एडीबी से आने वाला पैसा भी नगर निगम ने अपने बजट में दिखाया है।पिछले साल नगर निगम का बजट महज 188 करोड़ रुपए का था।बजट में कोई नया टैक्स नहीं है,लेकिन गारबेज एवं अन्य शुल्कों मेें बढ़ोतरी होगी।वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नगर निगम शिमला ने व्यापक विकास योजना पेश की है।मार्ग एवं भवन विभाग ने नए पार्क,पार्किंग,रोगी वाहन सडक़,पैदल मार्ग,वर्षाशालिका,शौचालय,सामुदायिक भवन,व्यवसायिक परिसर/अतिथि गृह व आवासीय भवनों के निर्माण हेतु 55.15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।वार्ड पार्षदों की प्राथमिकताओं के लिए 42.30 करोड़ रुपए रखे गए हैं,जिनमें 25 स्थानों पर नई रोगी वाहन सडक़,17 स्थानों पर लगभग 450 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग,12 सामुदायिक भवन और 14 खेल मैदान प्रस्तावित हैं।प्रथम चरण में 20 करोड़ और द्वितीय चरण में 22.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे।पूर्व वर्ष की सैद्धांतिक स्वीकृति के 10 करोड़ रुपए भी उपलब्ध होने पर कार्य तेज होंगे।मरम्मत व देखरेख के लिए 5.35 करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं।शहर में डा.भीमराव अंबेडकर को समर्पित स्टेनलैस स्टील स्मारक हेतु 19 लाख रुपए का प्रावधान है।नालों-नालियों के चैनलीकरण व सुधार के लिए 90 करोड़ रुपए का आकलन तैयार है।रिज के शेष भाग के सुदृढ़ीकरण और बहुमंजिला परिसर निर्माण को सिद्धांतत: स्वीकृति मिल चुकी है।चार डंपिंग स्थल संजौली,ढली बाइपास,कनलोग व अनाडेल को दो करोड़ रुपए रखे गए हैं।

कांग्रेस शासित नगर निगम ने इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर शहरवासियों को कई नई सौगात देने के सपने तो दिखा दिए लेकिन साथ ही जनता पर टैक्स का बोझ भी डाल दिया।बजट में अप्रैल से प्रॉपर्टी टैक्स की दरें बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है।हालांकि,शहर में प्राॅपर्टी टैक्स में हर साल बढ़ोतरी होती है।इस बार भी यह बढ़ोतरी होनी है।बजट भाषण के दौरान महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार राज्य की सकल घरेलू उत्पाद दर के अनुसार शिमला शहर में संपत्ति कर बढ़ाया जाएगा।ऐसा करने से ही केंद्रीय वित्त आयोग से अनुदान मिलना है।अप्रैल से यह दरें बढ़ेंगी।अनुमान है कि इस बार छह से आठ फीसदी तक टैक्स बढ़ोतरी हो सकती है।बीते साल करीब सात फीसदी टैक्स बढ़ोतरी हुई थी।शिमला शहर में 32507 भवन मालिकों पर इसका बोझ पड़ेगा।महापौर ने कहा कि नगर निगम ने टैक्स वसूली का टारगेट पूरा कर लिया है।ऐसे में इस साल केंद्र से करीब दस करोड़ रुपये की ग्रांट मिलना तय है।शहर में अप्रैल से कूड़ा शुल्क की दरें भी दस फीसदी बढ़ जाएंगी।पानी की दरें भी आठ फीसदी बढ़ेंगी।शहरवासी इस बार टैक्स में सालाना बढ़ोतरी से राहत की उम्मीद कर रहे थे लेकिन बजट में टैक्स बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

भाजपा पार्षदों का वॉकआउट:मेयर सुरेंद्र चौहान के भाषण के दौरान नौ बीजेपी पार्षदों द्वारा जोरदार नारेबाजी की गई।उन्होंने मेयर की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और एक्सटेंशन की नोटिफिकेशन दिखाने की मांग की।हंगामे के बीच बीजेपी पार्षदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।बीजेपी पार्षदों ने डीसी अनुपम कश्यप को ज्ञापन सौंपा।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इस पूरे मामले में कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए।पार्षद सरोज ठाकुर ने कहा,जब छह जनवरी को ऑर्डिनेंस खत्म हो चुका है और मेयर के पास अध्यक्षता की संवैधानिक शक्तियां नहीं हैं,तो वह बजट जैसा दस्तावेज कैसे पेश कर सकते हैं?हम इसका पुरजोर विरोध करते हैं। पार्षदों ने बताया कि इस मामले की सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित है।
