
शिमला।तहसील सुन्नी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बनूना के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण के दौरान जंगल में की गई डंपिंग को लेकर भारी रोष जताया है,गुस्साए लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।ग्रामीणों का कहना है कि गढ़ेरी मार्ग के निर्माण के बाद ठेकेदार द्वारा गागल क्षेत्र में निर्माण कार्य का मलबा फेंक दिया गया,जिससे न केवल वन क्षेत्र और पेड़ों को नुकसान पहुंचा है,बल्कि गांव के रिहायशी मकानों और खेती योग्य भूमि को भी खतरा पैदा हो गया है।ग्राम विकास समिति बनूना की ओर से वन विभाग,जिला पर्यावरण संरक्षण समिति,तहसीलदार सुन्नी और राज्य सरकार के वन एवं पर्यावरण विभाग के मुख्य सचिव को औपचारिक शिकायत पत्र भेजा गया है।

शिकायत में कहा गया है कि बरसात के दौरान भूस्खलन जैसी आपदा में यह मलबा गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है।समिति ने मांग की है कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ जांच की जाए,डंप किया गया मलबा हटाया जाए और भविष्य में इस तरह की डंपिंग को रोकने के लिए स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

2 नवंबर 2025 को हुई ग्राम विकास समिति की बैठक में भी ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी और सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि संबंधित विभागों को इस विषय में शिकायत की जाएगी ताकि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में यह मलबा भूस्खलन और पर्यावरणीय क्षति का बड़ा कारण बन सकता है।
