
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा परिसर में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में कहा कि प्रश्नकाल के दौरान एपीएमसी की दुकानों के आबंटन को लेकर विपक्ष के विधायकों द्वारा सवाल पूछे गए,लेकिन मंत्री बार-बार एक ही बात कह रहे थे कि विधायक लिखित में दें।इसके बाद ही इसका जवाब दिया जाएगा,जबकि विधायक सदन के अंदर ऑन रिकॉर्ड सवाल पूछ रहे थे।उन्होंने कहा कि इन दुकानों के आबंटन को लेकर भ्रष्टाचार हुआ है और गलत तरीके से दुकानों का आबंटन किया गया है और लूटने की पूरी छूट दी गई।

उन्होंने कहा कि जब इस पर सवाल खड़े किए गए तो प्रश्न पर पर्दा डाला जा रहा है।यह सरकार किसान-बागवान को भी नहीं छोड़ रही है।वहीं विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि सरकार ने माना कि एपीएमसी ने 70 दुकानों का आबंटन किया गया।इसमें जांच भी करवाई गई,लेकिन कोई अनियमितता नहीं पाई गई।उन्होंने कहा कि 70 दुकानों के आबंटन के लिए 133 आवेदन आए थे,133 में 63 लोगों के आवेदन रद्द कर दिए गए।इसी तरह टुटू, पराला व शिलारू में भी दुकानों के आबंटन में अनियमितताएं हुई हैं।उन्होंने कहा कि इसको लेकर सदन में तथ्यों के साथ दस्तावेज पेश किए गए और इन दुकानों के आबंटन को रद्द करने की मांग की गई,लेकिन सरकार द्वारा दुकानों के आबंटन को रद्द नहीं किया जा रहा है।
