
Himachal में दल बदलने वाले छः विधायकों ने जहां कांग्रेस पार्टी के साथ दगाबाजी की,वहीं अपने विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं के साथ विश्वासघात भी किया है।उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पार्टी मुख्यालय राजीव भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के बागी नेताओं को भाजपा में शामिल करने और विधानसभा उपचुनाव के उम्मीदवार घोषित करने से भाजपा में विस्फोट वाली स्थिति बनी हुई है,स्थिति यह है कि लाहौल-स्पीति में पूरी भाजपा इस्तीफा देने का ऐलान कर चुकी है जबकि अन्य संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में भी भाजपा के वरिष्ठ नेता अपनी-अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।दल बदलने वालों और प्रदेश में सरकार काे अस्थिर करने का षड्यंत्र रचने वाली भाजपा को प्रदेश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।उद्योग मंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुंगेरी लाल के जो हसीन सपने देख रहे हैं,वे पूरे होने वाले नहीं हैं।कांग्रेस सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।सरकार के पास पूर्ण बहुमत है।उन्होंने कहा कि उत्तरी भारत में केवल हिमाचल में कांग्रेस की पार्टी है और उसे अस्थिर करने के भाजपा ने प्रयास किए हैं।प्रदेश में परंपरा रही है कि जिस दल के पास बहुमत होता है,उसी दल का नेता राज्यसभा के लिए जाता है लेकिन यहां छः विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की।इसके पीछे उनकी क्या मंशा थी,यह सभी जानते हैं।आरोप लगाया कि धन-बल से वोट खरीदे गए।लेकिन इसका खामियाजा दलबदलु और भाजपा दोनों को चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
